Friday, 3 July 2015
मुंबई शहर से हर माह लापता होते हैं 884 लोग, इनमें से अधिकांश लड़कियां
मुंबई : पिछले दशक में महानगर से हर माह औसतन 884 व्यक्ति लापता हुए हैं जिनमें ज्यादातर अवयस्क लड़कियां हैं। हालांकि इनमें से अधिकतर का पता लगा लिया गया।
मुंबई पुलिस के हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों में यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि पिछले करीब साढ़े दस साल में शहर से 1,10,547 व्यक्तियों के लापता होने की खबर रही, जिनमें से 1,00,439 लोगों का पता लगा लिया गया। शेष 10,108 का अब तक पता नहीं चल पाया है। जनवरी 2005 से मई 2015 के ये आंकड़े सीआईडी मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के ‘मिसिंग पर्सन ब्यूरो’ ने जारी किए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि लापता पुरुषों की तुलना में अवयस्क लड़कियों सहित महिलाओं की संख्या अधिक है।
आंकड़ों के मुताबिक पिछले दस साल में मुंबई पुलिस में कुल 18,547 लड़कियों, 37,603 महिलाओं, 17,195 लड़कों और 37,202 पुरुषों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस का दावा है कि इनमें से 90 फीसदी का पता लगा लिया गया। उसके अनुसार मासिक आधार पर 884 में से 803 का पता लगाया गया। लेकिन 582 अवयस्क लड़कियों और 2,944 महिलाओं का मई 2015 के अंत तक पता नहीं चल पाया था। मुंबई पुलिस के प्रवक्ता धनंजय कुलकर्णी ने बताया कि हमने 90 लोगों का सफलतापूर्वक पता लगा लिया क्योंकि हमने एक समर्पित दस्ता स्थापित किया है जो लापता मामलों पर 24 घंटे काम करता है। दस्ते में एक अधिकारी और दो अधीनस्थ हैं। आंकड़े यह भी बताते हैं कि मुंबई पुलिस ने पिछले सात माह में शहर से लापता हुए बच्चों का पता लगाने में उल्लेखनीय कार्य किया है।
नवंबर 2014 से मई 2015 के आंकड़े बताते हैं कि इस अवधि में 1,033 बच्चे लापता हुए पर ऐसे कुछ पुराने मामलों सहित 1,039 का पता लगा लिया गया। बीते सात महीने में महानगर के पूर्वी हिस्से से 1,717 व्यक्ति लापता हुए वहीं पश्चिमी क्षेत्र से 1,560 व्यक्ति, उत्तरी क्षेत्र से 1,174 व्यक्ति, मध्य क्षेत्र से 1,085 और दक्षिण क्षेत्र से 360 व्यक्ति लापता हुए। उत्तरी क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त फत्तेसिंह पाटिल ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में 50 फीसदी से अधिक लोग झुग्गियों में रहते हैं और लापता होने के ज्यादातर मामलों की खबर झुग्गी बस्तियों से ही है। अपने क्षेत्र में लापता लोगों का पता लगाने का रिकॉर्ड 97 फीसदी होने का दावा करते हुए पटिल ने कहा कि प्रौद्योगिकी का समुचित इस्तेमाल और सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों से लापता व्यक्तियों का पता लगाने वाले दस्ते को बहुत मदद मिली है।
जैकी चैन के साथ नजर आएंगे टाइगर श्रॉफ
मुंबई( 2 जुलाई): अभिनेता टाइगर श्रॉफ ने मार्शल आर्ट पर बन रही फिल्म 'कूंग फू' की पेशकश की खबरों की पुष्टि कर दी है। जैकी चैन स्टारर इस फिल्म पर टाइगर ने फिलहाल अंतिम फैसला नहीं लिया है।
बुधवार को एक इवेंट के दौरान टाइगर ने कहा कि हां इस फिल्म में काम करने की पेशकश मिली थी जिसको मैंने स्वीकार कर लिया है लेकिन मैंने अभी हस्ताक्षर नहीं किया है।
जैकी चैन को अपना हीरो मानने वाले टाइगर ने कहा कि अगर इस फिल्म में मैं काम करता हूं तो मेरा सपना पूरा होने जैसे होगा। बता दें इससे पहले इस फिल्म में काम करने के लिए आमिर खान जब चीन में थे तो उनको भी ऑफर मिला था लेकिन पूर्व के किए वादों को पूरा करने के लिए उनको यह प्रोजेक्ट छोड़ना पड़ा।
स्टेनली टॉग द्धारा निर्दशत इस फिल्म की शूटिंग की शुरुआत सितंबर में होगी। हालांकि टाइगर अभी 'बागी' की शूटिंग में बिजी हैं।
हेमा मालिनी का ड्राइवर गिरफ्तार, तेज़ रफ्तार से गाड़ी चलाने का आरोप
जयपुर (3 जुलाई) :बीजेपी सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी के ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि राजस्थान के दौसा में गुरुवार रात को हुए सड़क हादसे में एक बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने हेमा मालिनी के ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया था। हेमा मालिनी मर्सिडीज़ कार से करौली ज़िले के मेहंदीपुर बालाजी मंदिर से दर्शन करने के बाद जयपुर आ रही थीं। लालसोट के पास मिडवे पर मर्सिडीज़ की ऑल्टो कार से जबरदस्त टक्कर हो गई। इस हादसे में हेमा मालिनी जख्मी हो गई और ऑल्टो में सवार एक बच्ची की मौत हो गई। इस हादसे में आठ लोग घायल हुए। ऑल्टो पर सवार परिवार लालसोट का रहने वाला था।
पुलिस ने हेमा मालिनी की कार के ड्राईवर के खिलाफ तेज गति और लापरवाही से कार चलाने का केस दर्ज किया है। इस टक्कर में हेमा मालिनी को कमर और आंख के उपर चोटें आई हैं। हेमा मालिनी भाग्यशाली रहीं कि गाड़ी में पीछे की ओर बैठी थीं और टक्कर के बाद कार के दोनों एयर बैग खुल गए। जिससे उनको चोट तो लगी लेकिन कोई गंभीर जख्म नहीं आया।
पब्लिक पकड़ रही बदमाश, पुलिस ने छोड़ दिए
नोएडा आम जनता बदमाशों को पकड़ कर पुलिस को सौंप रही है और पुलिस उन्हें सलाखों के पीछे भेजने के बजाय छोड़ देती है। ऐसा ही एक मामला फेस-3 थाने में देखने को मिला। आरोप है कि मंगलवार को चोटपुर कॉलोनी के लोगों ने पांच बदमाशों को पुलिस के हवाले किया था लेकिन पुलिस ने उनको छोड़ दिया।
मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे चोटपुर कॉलोनी के लोगों ने पांच बदमाशों को वाहन चोरी करते पकड़ा था। कॉलोनी के लोगों ने इस बात की जानकारी फौरन पुलिस कंट्रोल रूम को दी, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे। इसके बाद लोग बदमाशों को लेकर फेस-3 थाने पहुंचे और पुलिस के हवाले कर दिए।
पुलिस ने स्थानीय लोगों से कहा कि पूछताछ करने के बाद इनकी निशानदेही पर चोरी किए गए वाहन व अन्य माल बरामद कर सभी बदमाशों को जेल भेज दिया जाएगा। मगर पुलिस ने उन्हें जेल भेजने के बजाय छोड़ दिया। बदमाशों को थाने लाने वाले लोगों में से एक विनय यादव का कहना है कि वे पुलिस की सुपुर्दगी में बदमाशों को फेस-3 थाने में छोड़ कर आए थे। बुधवार को भी बदमाशों के बारे में पता किया गया।
पुलिस ने उन्हें जवाब दिया कि अभी पूछताछ की जा रही है। नियम के मुताबिक, किसी भी आरोपी को पुलिस थाने में 24 घंटे से ज्यादा नहीं बैठा सकती है। आरोप है कि पुलिस ने सभी बदमाशों को छोड़ दिया।
इतना ही नहीं बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे फेस-3 थाना अंतर्गत सेक्टर-122 स्थित श्रमिक कुंज में लोगों ने वाहन चोरी करते चार बदमाशों को दबोचा था। हालांकि, उनमें से तीन फरार होने में सफल रहे और एक भारत नामक चोर को पब्लिक ने पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने अब तक उसे भी जेल नहीं भेजा है। एसपी सिटी दिनेश यादव का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे चोटपुर कॉलोनी के लोगों ने पांच बदमाशों को वाहन चोरी करते पकड़ा था। कॉलोनी के लोगों ने इस बात की जानकारी फौरन पुलिस कंट्रोल रूम को दी, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं पहुंचे। इसके बाद लोग बदमाशों को लेकर फेस-3 थाने पहुंचे और पुलिस के हवाले कर दिए।
पुलिस ने स्थानीय लोगों से कहा कि पूछताछ करने के बाद इनकी निशानदेही पर चोरी किए गए वाहन व अन्य माल बरामद कर सभी बदमाशों को जेल भेज दिया जाएगा। मगर पुलिस ने उन्हें जेल भेजने के बजाय छोड़ दिया। बदमाशों को थाने लाने वाले लोगों में से एक विनय यादव का कहना है कि वे पुलिस की सुपुर्दगी में बदमाशों को फेस-3 थाने में छोड़ कर आए थे। बुधवार को भी बदमाशों के बारे में पता किया गया।
पुलिस ने उन्हें जवाब दिया कि अभी पूछताछ की जा रही है। नियम के मुताबिक, किसी भी आरोपी को पुलिस थाने में 24 घंटे से ज्यादा नहीं बैठा सकती है। आरोप है कि पुलिस ने सभी बदमाशों को छोड़ दिया।
इतना ही नहीं बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे फेस-3 थाना अंतर्गत सेक्टर-122 स्थित श्रमिक कुंज में लोगों ने वाहन चोरी करते चार बदमाशों को दबोचा था। हालांकि, उनमें से तीन फरार होने में सफल रहे और एक भारत नामक चोर को पब्लिक ने पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने अब तक उसे भी जेल नहीं भेजा है। एसपी सिटी दिनेश यादव का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
केजरीवाल के बंगले में लगे बिजली के मीटर में घपला, मिलेगा नोटिस
नई दिल्ली अरविंद केजरीवाल ने अपने सरकारी आवास में केवल जून महीने में ही 1.35 लाख रुपये की बिजली इस्तेमाल कर डाली। इतना ही नहीं उनके बंगले में लगे बिजली के मीटरों के बारे में गलत जानकारी देने का भी मामला सामने आया है।
इसे देखते हुए बंगले में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी टाटा पावर ने सीएम आवास को नोटिस भेजने का फैसला किया है। कंपनी का आरोप है कि सीएम बंगले में लगे दूसरे मीटर का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है जबकि इसके बारे में कंपनी को कोई जानकारी नहीं दी गई।
असल में केजरीवाल के सरकारी बंगले 6 प्लैग स्टॉफ रोड में दो मीटर लगे हैं। इस बंगले को दो भागों में बांटा गया जिनमें से एक का इस्तेमाल ऑफिस के तौर पर किया जाता है।बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी का आरोप है कि बंगले में सरकारी उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाले मीटर को व्यासायिक श्रेणी में रखा जाना चाहिए। लेकिन इसे भी निजी इस्तेमाल वाले मीटर की श्रेणी में ही दिखाया गया है।
सूत्रों की मानें तो केजरीवाल के बंगले में लगे एक मीटर की क्षमता 34 किलोवाट है जबकि, दूसरा मीटर 70 किलोवाट की क्षमता वाला है।
दूसरे मीटर का इस्तेमाल केजरीवाल बंगले में ही बने अपने ऑफिस में करते हैं। इसी ऑफिस में उनका जनता दरबार भी लगाया जाता है।
कंपनी का कहना है कि अप्रैल में केजरीवाल के इस बंगले में शिफ्ट होने से पहले यहां के मीटर की कुल क्षमता 70 किलोवाट थी। लेकिन अप्रैल में पीडब्लूडी ने इसे 104 किलोवाट करने का आवेदन दिया।इसी आवेदन में दोनों कनेक्शन को घरेलू उपयोग वाले मीटर की श्रेणी में रखने की बात की गई थी। कंपनी इसी आवेदन को आधार बना कर सीएम आवास को नोटिस भेजने की योजना बना रही है।
जून महीने में केजरीवाल के सरकारी आवास के एक मीटर में कुल 2,510 यूनिट बिजली खर्च की गई जिसका बिल 22,689 रुपये है। जबकि दूसरे मीटर में कुल 11,637 यूनिट बिलजी की खपत हुई है जिसका बिल 1,13,598 रुपये बनता है।
ऐसे में अगर बिलजी सप्लाई करने वाली कंपनी ने दूसरे मीटर को व्यावसायिक श्रेणी में डाल दिया तो यह बिल कई गुना बढ़ सकता है क्योंकि कमर्शियल श्रेणी के बिजली की दरे कई गुना ज्यादा है।
इसे देखते हुए बंगले में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी टाटा पावर ने सीएम आवास को नोटिस भेजने का फैसला किया है। कंपनी का आरोप है कि सीएम बंगले में लगे दूसरे मीटर का व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है जबकि इसके बारे में कंपनी को कोई जानकारी नहीं दी गई।
असल में केजरीवाल के सरकारी बंगले 6 प्लैग स्टॉफ रोड में दो मीटर लगे हैं। इस बंगले को दो भागों में बांटा गया जिनमें से एक का इस्तेमाल ऑफिस के तौर पर किया जाता है।बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी का आरोप है कि बंगले में सरकारी उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाले मीटर को व्यासायिक श्रेणी में रखा जाना चाहिए। लेकिन इसे भी निजी इस्तेमाल वाले मीटर की श्रेणी में ही दिखाया गया है।
सूत्रों की मानें तो केजरीवाल के बंगले में लगे एक मीटर की क्षमता 34 किलोवाट है जबकि, दूसरा मीटर 70 किलोवाट की क्षमता वाला है।
दूसरे मीटर का इस्तेमाल केजरीवाल बंगले में ही बने अपने ऑफिस में करते हैं। इसी ऑफिस में उनका जनता दरबार भी लगाया जाता है।
कंपनी का कहना है कि अप्रैल में केजरीवाल के इस बंगले में शिफ्ट होने से पहले यहां के मीटर की कुल क्षमता 70 किलोवाट थी। लेकिन अप्रैल में पीडब्लूडी ने इसे 104 किलोवाट करने का आवेदन दिया।इसी आवेदन में दोनों कनेक्शन को घरेलू उपयोग वाले मीटर की श्रेणी में रखने की बात की गई थी। कंपनी इसी आवेदन को आधार बना कर सीएम आवास को नोटिस भेजने की योजना बना रही है।
जून महीने में केजरीवाल के सरकारी आवास के एक मीटर में कुल 2,510 यूनिट बिजली खर्च की गई जिसका बिल 22,689 रुपये है। जबकि दूसरे मीटर में कुल 11,637 यूनिट बिलजी की खपत हुई है जिसका बिल 1,13,598 रुपये बनता है।
ऐसे में अगर बिलजी सप्लाई करने वाली कंपनी ने दूसरे मीटर को व्यावसायिक श्रेणी में डाल दिया तो यह बिल कई गुना बढ़ सकता है क्योंकि कमर्शियल श्रेणी के बिजली की दरे कई गुना ज्यादा है।
CCTV में कैद हुई महिला चोरनी, शोरूम से ले उड़ी लैपटॉप
नई दिल्ली मानसरोवर पार्क इलाके में एक महिला ने शोरूम से लैपटॉप पर हाथ साफ कर दिया। हालांकि महिला चोरनी की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। अब पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद से चोरनी की तलाश में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार नवनीत अरोड़ा (42) सपरिवार साहिबाबाद गाजियाबाद में रहते हैं। उनका दुर्गापुरी में डेल लैपटॉप का शोरूम है। मंगलवार रात नवनीत अपनी दुकान को बंद कर रहा था।
जांच करने पर पता चला कि एक लैपटॉप गायब है। उसने तुरंत शोरूम में लगे सीसीटीवी की फुटेज को देखा।फुटेज में एक महिला को चोरी करते हुए देखा गया। नवनीत के मुताबिक महिला उसे बातों में उलझाने के बाद एक लैपटॉप को उठाकर अपनी साड़ी के नीचे दोनों पैर में फंसा लिया और बिना कुछ खरीददारी किए चली गई।
नवनीत ने दुकान में हुई चोरी की सूचना पुलिस को दी। साथ ही उसने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मुहैया करवाया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी महिला की तलाश में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला दुकान में चोरी करने वाली गैंग की सदस्य हो सकती है, जो खरीददारी की नीयत से दुकानों में जाती है और दुकानदार को बातों में उलझाकर सामान चुरा लेती है।
मोदी का 'चाणक्य' अब नीतीश के साथ बना रहा है चुनावी रणनीति!
नरेंद्र मोदी को गुजरात की गली से दिल्ली के राजपथ पर पहुंचाने वाला चाणक्य अब बिहार चुनाव में भी कूद पड़ा है. लेकिन इस बार मोदी के साथ नहीं बल्कि उनके विरोधी नीतीश कुमार के साथ. फिर एक बार नीतीश सरकार बनवाने के लिए. प्रशांत किशोर ऐसे रणनीतिकार है जो राजनीति में सपनों के सौदागर माना जाता है.बिहार में चुनाव की दस्तक सुनाई दे रही है और बिहार की गलियों में नीतीश की दस्तक. गहमागहमी की तस्वीरे उसी चुनावी जंग की है जिसमें नीतीश कुमार ने अपना पहला तीर चल दिया है.नीतीश ने आज पटना में खुद पार्टी के चुनाव अभियान – घर घर दस्तक की शुरुआत कर दी है. घर घर दस्तक यानी आम लोगों के घरों पर जाना, सरकारी की उपलब्धियां बताना, वोटरों का मन टटोलना और फिर दरवाजे पर चुनाव अभियान के नारे का स्टिकर लगाना.असर भी दिखने लगा है. नीतीश कुमार के इस घर-घर दस्तक कार्यक्रम के दौरान बेशुमार भीड़ नजर आ रही है और बता रही है कि नीतीश की दस्तक बिहार के दिल के दरवाजे खोलने का दम रखती है.अगर ये करिश्मा चल निकला तो एक बार फिर उसी शख्स का नाम लिया जाएगा जो मोदी की जीत की कहानी लिख चुका है यानी प्रशांत किशोर. साल 2013 में नरेंद्र मोदी की पीएम उम्मीदवारी को लेकर बिहार में बीजेपी से 17 साल पुराना गठबंधन छोड़कर नीतीश ने बड़ा दांव खेला था. अब जब चुनाव सर पर हैं तो नीतीश कुमार ने एक और दांव खेला है.बिहार चुनाव से ऐन पहले वो साल 2014 के लोकसभा मोदी के चुनाव अभियान के चाणक्य को वो अपने पाले में ले आए हैं. नीतीश का घर घर दस्तक कार्यक्रम उन्हीं प्रशांत किशोर की देन है जिन्हें मोदी की ब्रैंडिंग के लिए जाना जाता है.प्रशांत कुमार इन दिनों बिहार में डेरा डाल चुके हैं और नीतीश के चुनाव प्रचार की पूरी कमान उनकी टीम ने संभाल ली है. प्रशांत के अगुवाई में नीतीश के चुनावी अभियान का वॉर रूम तैयार है.प्रशांत किशोर की पोटली में नीतीश के लिए और क्या क्या है ये भी बताएंगे लेकिन पहले आपको उस दौर में ले चलते हैं जहां से प्रशांत ने भारत में पहली बार पोलिटिकल मैनेजमेंट की शुरुआत की थी.साल 2014 का लोकसभा चुनाव मोदी के खेमे ने पूरी तरह हाईटेक बना दिया था. देश पहली बार एक ही शख्स को दर्जनों जगह रैली करता हुआ देख रहा था. और विपक्ष के पास इस 3डी मोदी अभियान को कोई तोड़ नहीं था.3D मोदी कैंपेन की पूरी डिजाइन जिस शख्स ने तैयार की थी उसका नाम था प्रशांत किशोर. वही प्रशांत किशोर बिहार चुनाव में नीतीश के साथ जा पहुंचे हैं. दरअसल ये तकनीक जर्मनी में तैयार की गई थी.इस 3D तकनीक का इस्तेमाल मोदी ने पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए किया और फिर चुनाव प्रचार में. इस अभियान ने नरेंद्र मोदी की छवि बदल दी और इस छवि को गढ़ने का काम प्रशांत लगातार कर रहे थे.इसका बाजार भारत में तलाशा गया तो सोनिया और राहुल गांधी का नाम सामने आया लेकिन उन्होंने इसमें रुचि नहीं दिखाई. प्रशांत ने ये आईडिया नरेंद्र मोदी को दिया और बात बन गई.इस एक अभियान से नीतीश कुमार को 3 से 4 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचाने की तैयारी में हैं प्रशांत किशोर की ये टीम. दरअसल प्रशांत किशोर ने जो हिसाब लगाया है उसके मुताबिक बिहार में 7 से 12 फीसदी लोग जाति के आधार पर वोट नहीं करते. ये वो लोग हैं जिनकी उम्र 25 साल के आस पास है और या तो पहली बार वोट देंगे या फिर दूसरी बार.प्रशांत इस युवा वर्ग को नीतीश के करीब लाना चाहते हैं. इसके लिए अब मोदी की तरह ही नीतीश को भी डिजिटल दुनिया का बाशिंदा बनाया जा रहा है. देखना है ये कि सपनों के सौदागर प्रशांत किशोर नीतीश के लिए भी वही करिश्मा कर पाते हैं या नहीं जो उन्होंने मोदी के लिए किया था.


















