This is default featured slide 1 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 2 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 3 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 4 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

This is default featured slide 5 title

Go to Blogger edit html and find these sentences.Now replace these sentences with your own descriptions.This theme is Bloggerized by Lasantha Bandara - Premiumbloggertemplates.com.

Sunday, 28 June 2015

पहली कट ऑफ लिस्ट के दाखिले बंद, कई कॉलेजों में हाउसफुल

दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास, राजनीति शास्त्र और भूगोल जैसे आर्ट्स के कोर्स कॉमर्स और साइंस कोर्स पर भारी पड़ रहे हैं। पहली कट ऑफ लिस्ट के बाद कई कॉलेजों में इन कोर्स के लिए सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए बिल्कुल मौका नहीं है।

इस तरह से इन कोर्स के लिए कुछ कॉलेजों में दूसरी कट ऑफ जारी नहीं होगी। चूंकि इन कोर्स में पहले ही ओवर एडमिशन हो गए हैं, लिहाजा शिफ्टिंग भी हुई तो कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।

वहीं, अब भी बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, ईको और साइंस में दाखिले की काफी संभावनाएं हैं। कॉलेजों में शनिवार को पहली कट ऑफ लिस्ट के दाखिले बंद हो गए हैं।

पहली लिस्ट के दाखिलों के आधार पर ही कैंपस के कॉलेजों समेत अन्य कॉलेजों में भी कुछ कोर्स की सामान्य श्रेणी की सीटें भर गई हैं।लिहाजा यहां क्लोज्ड का बोर्ड टंग गया है। पहले दिन को छोड़ दें तो साफ है कि अंतिम दो दिनों में छात्रों ने सावधानी बरतते हुए पहली लिस्ट में ही अपनी सीट पक्की कर ली है।

नॉर्थ कैंपस के नामी कॉलेज श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में बीकॉम ऑनर्स में सामान्य श्रेणी के लिए अब सीट नहीं बची है। लिहाजा यह सामान्य के लिए इस कोर्स की दूसरी लिस्ट जारी नहीं होगी।

यहां बीकॉम ऑनर्स में सामान्य की 250 सीटों पर 276 दाखिले हो चुके हैं। वहीं, अन्य श्रेणियों के लिए दूसरी लिस्ट में इस कोर्स में दाखिले खुले रहेंगे।

वहीं, ईको ऑनर्स की सामान्य श्रेणी की कुल 58 सीटों पर 20 दाखिले हुए हैं, लिहाजा दूसरी कट ऑफ में यहां सामान्य के साथ-साथ आरक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए मौके हैं।

पति ने फोन पर बात करने से किया मना तो पत्नी ने की खुदकुशी

नोएडा  सेक्टर-20 थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर-9 की जेजे कॉलोनी में महिला ने शनिवार दोपहर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फांसी की वजह भी बड़ी हैरान करने वाली है।

बताया जा रहा है कि महिला मोबाइल पर बात करना चाहती थी। लेकिन पति ने मोबाइल पर ज्यादा बात करने से मना कर दिया। महिला को पति के ये बात नागवार गुजरी।

इसलिए पति के मना करने पर उसने फांसी लगा ली। पुलिस के मुताबिक , अरविना (19) सेक्टर-9 के जेजे कॉलोनी में पति दाऊद के साथ रहती थी।

शनिवार को मोबाइल पर बात नहीं करने को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ। इसके बाद पत्नी ने चुन्नी से लटककर फांसी लगा ली। पुलिस दाऊद को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

लड़कियों से छेड़खानी पर बवाल, बरसे ईंट-पत्थर

नोएडा  रजनीगंधा चौराहे पर दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। लड़कियों के साथ सरेराह छेड़खानी का प्रयास और उनका पीछा करने की वजह से करीब एक घंटा तक बवाल हुआ।

पुलिस ने मारपीट के आरोप में पांच युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक दिल्ली और गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों के कुछ लड़के और लड़कियां सेक्टर-18 के एक बार में पार्टी के लिए पहुंचे थे।

लौटते समय कुछ युवकों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। लड़कियां और उनके साथी स्कॉर्पियो पर थे, जबकि युवक बाइक पर सवार थे और अश्लील फब्तियां कस रहे थे। स्कॉर्पियो सवार लड़कों के विरोध करने पर बाइक सवार वहां से निकल गए।इसी बीच उन्होंने कुछ साथियों को फोन कर बुला लिया और फिर से स्कॉर्पियो का पीछा करना शुरू किया। करीब पांच से छह बाइक पर सवार युवकों ने रजनीगंधा चौराहे पर स्कॉर्पियो को रोक लिया। जिसके बाद वहां मारपीट शुरू हो गई।

मारपीट में ईंट पत्थरों तक का प्रयोग किया गया। रास्ते से गुजर रहे कुछ लोगों ने बीच बचाव करने की कोशिश भी की। घटना की खबर पाकर नजदीकी पुलिस चौकी पर मौजूद सिपाही वहां पहुंच गए।

पुलिस ने बड़ी ही मुश्किल से स्थिति पर काबू पाया और उनको सेक्टर-20 थाने में लेकर आए। बताया जा रहा है कि मारपीट में लड़कियां भी घायल हो गईं हैं। इसके अलावा पीछा करने वाले एक युवक को घायल होने पर प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।लड़कियों ने रोते हुए बताया कि कुछ लोग अट्टा से ही उनसे छेड़खानी करते हुए पीछा कर रहे थे और रजनीगंधा चौक पर गाड़ी रोककर मारपीट पर उतर आए। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह चाहती तो सभी मनचलों को पकड़ सकती थीं।

लेकिन उनके हाथ केवल एक ही मनचला आ सका। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद मारपीट के आरोप में पांच लड़कों को जेल भेज दिया है। इनके नाम यथार्थ द्विवेदी, अमित, नितिन शर्मा, यश शर्मा और निक हैं।

वहीं लड़कियों को उनके घर भेज दिया गया है। सेक्टर-20 थाने के प्रभारी अमरनाथ यादव ने बताया कि� मारपीट के आरोप में पांच लड़कों को जेल भेज दिया गया है। उन्होंने लड़कियों के साथ छेड़खानी होने की बात से इनकार किया।

लव मैरेज के बाद इन्होंने जो किया वह हैरान करने वाला है

गाजियाबाददिलफेंक युवती ने पहले भाग कर युवक से शादी की, और अब चचेरे भाई के साथ रहने पर अड़ी हुई है। दरअसल नौकरी दिलाने के लिए गाजियाबाद बुलाना शाहजहांपुर के एक युवक को भारी पड़ गया।युवक ने दो साल पहले घर-परिवार को ताक पर रखकर जिस युवती से कोर्ट मैरिज की थी वही उसे छोड़कर देवर के साथ भाग गई।मूलरूप से शाहजहांपुर निवासी युवक यहां सिहानी गेट क्षेत्र में किराए के मकान में रहता है और एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। उसने 2012 में बरेली निवासी युवती से कोर्ट मैरिज की थीपरिजनों के इनकार पर वह दंपति गाजियाबाद में रहने लगा। 2014 में युवक ने चचेरे भाई को नौकरी दिलाने के लिए यहां बुलाया। दिसंबर में पत्नी और चचेरा भाई संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए।इस पर युवक ने सिहानी गेट में भाई के खिलाफ पत्नी को बहला फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज कराया। जांच अधिकारी ने बताया कि एक सूचना पर दोनों को रेवाड़ी से बरामद किया गया है।पुलिस हिरासत में युवती ने कहा कि वह देवर से प्यार करती है, उसके साथ रहना चाहती है। मूलरूप से शाहजहांपुर निवासी युवक यहां सिहानी गेट क्षेत्र में किराए के मकान में रहता है और एक निजी कंपनी में नौकरी करता है।उसने 2012 में बरेली निवासी युवती से कोर्ट मैरिज की थी। लेकिन अब युवक के हालात चचेरे भाई के कारण नियंत्रण से बाहर है।

दिल्ली की महिलाएं क्यों कर रही हैं हेलमेट से तौबा

ट्रैफिक नियम तो ठीक हैं, लेकिन हेलमेट की बात न बाबा ना...। जी हां राजधानी में महिलाओं के लिए हेलमेट पहनने का नियम लागू करने के बाद भी इसे पहनने से कतरा रही हैं।

यह हम नहीं दिल्ली पुलिस के आंकड़े कह रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करैं तो दिल्ली ट्रैफिक पुलिस बगैर हेलमेट के 1.52 लाख से अधिक महिलाओं के चालान काट चुकी है।

कमाल की बात है कि महिलाएं बाकी सभी यातायात के नियम बढ़िया तरीके से पालन कर रही हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रैफिक सिग्नल जंप करने के लिए एक जनवरी 2015 से 31 मई 2015 के बीच 2,82,234 पुरुषों के चालान काटे गए थे।इसी अवधि में सिर्फ छह महिलाओं के ट्रैफिक सिग्नल जंप करने के चालान काटे गए। वहीं शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए 14,850 पुरुष वाहन चालकों के चालान काटे गए।

यहां सिर्फ दो ही महिलाएं ऐसी मिलीं। इसी तरह ओवर स्पीड की बात करें तो पुरुषों में 1,32,529 के चालान काटे गए। वहीं महिलाआें में यह आंकड़ा सिर्फ 12 का रहा।

दूसरी ओर अगर हेलमेट पहनकर दुपहिया चलाने या पीछे बैठने की बात करें तो 28 अगस्त 2014 से 31 मई 2015 के बीच 1,52,918 महिलाओं के चालान काटे गए।आंकड़े बयां करते हैं कि पुलिस की सख्ती के बाद भी महिलाएं दुपहिया वाहनों पर हेलमेट पहनने से कतरा रहीं हैं।

मामले पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के विशेष आयुक्त मुक्तेश चंदर ने बताया कि उनकी प्राथमिकता है कि राजधानी में चलने वाला हर वाहन चालक सुरक्षित हो।� जो भी वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

इसमें चाहे महिला वाहन चालक हो या पुरुष। विशेष आयुक्त ने राजधानी के सभी लोगों से यातायात नियमों का पालन करने के लिए कहा है।

केंद्र पर आडवाणी का निशाना, 'मैं होता तो इस्तीफा दे देता'

दिल्ली आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के साथ अपने नेताओं के रिश्तों को लेकर सियासी हमले झेल रही भाजपा और सरकार को पार्टी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कड़वी नसीहत दी है।

विवाद में फंसी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर सीधी टिप्पणी से इनकार करते हुए आडवाणी ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त जीवन भाजपा की सबसे बड़ी मजबूती है और उन्होंने 1990 के दशक में हवाला कांड में नाम आने पर खुद इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफे के उनके फैसले पर उन्हें तनिक भी मलाल नहीं है।

एक मीडिया समूह को दिए एक इंटरव्यू में आडवाणी ने सुषमा और वसुंधरा को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, इसलिए इस बारे में वह नहीं बोलेंगे।

आडवाणी ने कहा कि उन्हें सिर्फ खुद के बारे में पता है, इसलिए अपने बारे में बोल रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह होते को इस्तीफा दे देते। इंटरव्यू में उन्होंने याद दिलाया कि हवाला कांड में नाम आने पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तुरंत इस्तीफे के हक में नहीं थे। उसके बावजूद उन्होंने फैसला किया।आडवाणी ने कहा कि उन्हें इस बात का कोई दुख नहीं है कि वह दो साल तक चुनाव नहीं लड़ सके। सरकार में शामिल नहीं रहे। इस्तीफा देने का फैसला उनका अपना था। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि राजनीतिक विश्वसनीयता जरूरी है। जनता हमें चुनती है और हमें जनता के विश्वास पर खरा उतरना होता है।


आडवाणी ने कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में हमेशा आत्मा की आवाज सुनी है। इस्तीफा देने के लिए वाजयेपी ने भी मना किया था, लेकिन उन्हें पता था उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया है। उन्हें किसी बात का डर नहीं था।

पूर्व उपप्रधानमंत्री ने कहा कि वह अपनी जिंदगी में पूरी तरह संतुष्ट हैं। आरएसएस और जनसंघ के दौर से हमने सीखा है कि भ्रष्टाचार मुक्त जीवन भाजपा की सबसे बड़ी मजबूती है। उन्हें याद है कि पार्टी बढ़ रही थी, उस वक्त गोलवलकर ने कहा था कि अच्छी बात है कि संगठन आगे जा रहा है.. इसका ख्याल रखना चाहिए कि इस काम के लिए पैसा इकट्ठा करने में सावधानी बरतनी चाहिए। आडवाणी के इस बयान से राजनीतिक भूचाल आना तय माना जा रहा है।

450 फीट गहरे बोरवेल में गिरी पांच वर्षीय बच्ची

जयपुर । राजस्थान में सीकर जिले के अजीतगढ़ में पांच वर्षीय बच्ची करीब 450 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई। शनिवार सुबह आठ बजे हुई घटना की खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंचा प्रशासन दिनभर की मशक्कत के बाद भी उसे बाहर नहीं निकाल सका है।
देर शाम तकनीकी विभाग की टीम व सेना ने बचाव कार्य की कमान संभाल ली है। बोरवेल में कैमरा डालकर बच्ची की ताजा स्थिति पता करने की कोशिश की जा रही है और उसे प्लास्टिक की थैली में पानी व बिस्किट भेजा जा रहा है।
गौरतलब है कि बच्ची सुनीता के घर के पास ही खेत में एक माह पहले बोरवेल की खुदाई हुई थी, लेकिन इसे ढका नहीं गया था। सुबह बालिका अपने पिता के साथ खेत पर गई थी और बोरवेल के पास पत्थर पर बैठकर खेल रही थी। अचानक पैर फिसलने से वह बोरवेल में जा गिरी।
सूचना पर पहुंची पुलिस व ग्रामीणों ने बच्ची को निकालने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहने पर सेना को बुलाया गया। बच्ची करीब 25 फीट की गहराई में अटकी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि बोरवेल में एक पाइप डाला गया था, जिसे बच्ची ने पकड़ने का भी प्रयास किया था।