जून के महीने से मेघों ने देश के अधिकतर भागों में� झमाझम बरसाना शुरू कर दिया है। जबकि आशंक यह जताई जा रही थी कि इस साल मानसून कमजोर रहेगा और देश के कई भागों में सूखा पड़ सकता है। इस आशंका को खारिज करते हुए मानसून ने मुंबई और गुजरात में जमकर पानी बरसाया और बाढ़ के हालात पैदा कर दिए।
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मेदिनी ज्योतिष के दृष्टिकोण से देखें तो इस वर्ष अच्छे मानसून के आसार हैं और वर्षा 97 फीसदी से 102 फीसदी के बीच हो सकती है। ज्योतिषशास्त्र के इस आंकलन का आधार ग्रहों का गोचर और आकाशीय लक्षणों का अध्ययन है।
जेठ के पिछले महीने के अंतिम दस दिनों में पड़ी गर्मी और बाद में आषाढ़ पूर्णिमा, जो की 2 जून को थी, उस दिन हुई बरसात ने अच्छे मानसून का दैवीय संकेत दिया है।" गौरतलब है की इससे पहले 2 जून को भारतीय मौसम विभाग ने कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून की भविष्वाणी करते हुए 88 फीसदी बारिश होने की संभावना जताई थी।
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