Thursday, 2 July 2015
DWC चेयरमैन का आपत्तिजन बयान, सोमनाथ-विश्वास 'एंटी सोशल एलीमेंट'
नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह व आम आदमी पार्टी (आप) नेता कुमार विश्वास-सोमनाथ भारती में तकरार बढ़ गई है। ताजा मामले में आयोग की अध्यक्ष ने आप नेता सोमनाथ भारती और कुमार विश्वास को असामाजिक तत्व (एंटी सोशल एलीमेंट) कहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ-विश्वास जैसे समाज को गंदा करते हैं। आयोग की अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि विश्वास के खिलाफ मामला बंद नहीं होगा। हालांकि, बरखा सिंह की इस टिप्पणी पर दोनों आप नेताओँ की प्रतिक्रिया नहीं आई है। एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट में कुमार विश्वास-महिला विवाद में बरखा सिंह को झटका लगा था। कोर्ट ने विश्वास पक्ष में कहा था कि पूरे मसले से उनकी मान हानि हुुई है। इस पर विश्वास ने तगड़ा कटाक्ष भी किया था। अब बृहस्पतिवार को बरखा सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि कुमार विश्वास असामाजिक तत्व हैं। इसके साथ उन्होंने सोमनाथ भारती को भी असामाजिक तत्व करार दिया है। कुमार विश्वास को लेकर उन्होंने तर्क देते हुए पीड़ित महिला ने न्याय का आस में महिला आयोग से गुहार लगाई थी, लेकिन आप नेता अपनी ओर से कोई सफाई नहीं दी। आयोग ने विश्वास से तीन बार समन जारी कर पक्ष रखने को कहा। आयोग के समन पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही कोई जवाब दिया। यह बातें इसी ओर इशारा करती हैं कि कुमार विश्वास एक सामाजित तत्व हैं। उनका व्यहार ही यह सब बयां करने के लिए काफी है।
दया भाभी' करने जा रही हैं शादी, क्या होगा 'जेठालाल' का?
मुम्बई सब टीवी के लोकप्रिय सीरियल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की 'दया भाभी' जल्द शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। लेकिन यह शादी सीरियल में नहीं उनकी असल जिंदगी में गोही। उनका असली नाम दिशा वाकाणी है। वो मुंबई में रहने वाले गुजराती बिजनेसमैन मयूर के साथ अरेंज मैरिज कर रही हैं।सीरियल में उनका किरदार दर्शकों के दिलो-दिमाग पर इस तरह घर कर गया है कि लोग उन्हें उनके असली नाम से ना बुलाकर दया के नाम से बुलाते हैं। किरदार के चलते उन्हें ज्यादातर लोग गरबा क्वीन के नाम से भी जानते हैं। छोटे परदे पर दया भाभी के संस्कार, डांस और जेठालाल के साथ उनकी मस्ती सभी ने खूब देखी। कपिल गोयल &गौरव शर्मा
एक साल से कम एड्रेस प्रूफ वालों का भी बनेगा पासपोर्ट
पासपोर्ट के लिए एक साल के एड्रेस प्रूफ की न्यूनतम सीमा जल्द ही समाप्त हो सकती है। नई व्यवस्था से उन लोगों को राहत मिलेगी जोकि नौकरी के चक्कर में एक शहर से दूसरे शहर में आशियाना बदलते रहते हैं।
हाल ही में पासपोर्ट सेवा दिवस पर दिल्ली में हुई तीन दिवसीय बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई। देश भर से आए कई पासपोर्ट अधिकारियों ने न्यूनतम सीमा पर विरोध जताया। मंत्रालय अब जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाने जा रहा है।
रीजनल पासपोर्ट अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि विदेश मंत्रालय पासपोर्ट आवेदन सुधार की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
प्रत्येक वर्ष होने वाली बैठक में ऐसे ही मुद्दों पर बात की जाती है कि भारतीय नागरिक को किस प्रकार पासपोर्ट आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।
आरपीओ ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी उन आवेदकों को होती है जोकि प्राइवेट नौकरीपेशा होते हैं और नौकरी के चक्कर में एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर होते रहते हैं।
कई बार ऐसे लोग एक ही शहर में दस साल से ज्यादा समय बिताते हैं, मगर अपना कोई एड्रेस प्रूफ नहीं बनवा पाते। कई बार वह एक साल से कम समय ही एक पते पर बिता पाते हैं।
ऐसे ही लोगों की परेशानी को देखते हुए यह मुद्दा उठाया गया और न्यूनतम समय सीमा को घटाने की गुजारिश की गई।
आरपीओ का कहना है कि पासपोर्ट के लिए दो बातें आवश्यक होती हैं। एक तो उसकी पुलिस वेरीफिकेशन रिपोर्ट क्लीयर हो, दूसरा वह भारतीय नागरिक हो।
अधिकारी से मिलें आवेदक
आरपीओ नरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि पासपोर्ट आवेदन के दौरान किसी एक दस्तावेज में अगर कोई मामूली कमी है और अन्य सभी दस्तावेज दुरुस्त हैं तो ऐसे आवेदन को स्वीकार किया जाएगा। इसके बावजूद अगर कहीं किसी आवेदक को कोई परेशानी होती है तो वह सीधे उनसे मिल सकते हैं।
पुलिस के लिए आसान नहीं टेबलेट से वेरिफिकेशन
टेबलेट से पुलिसकर्मियों द्वारा पासपोर्ट वेरीफिकेशन योजना आसान नहीं है। हैदराबाद और यूपी में जमीन आसमान का अंतर है। हैदराबाद में जहां ज्यादातर एरिया शहरी है, वहीं यूपी में ज्यादातर ग्रामीण इलाके हैं।
इनमें से कई ऐसे हैं जहां नेटवर्क ही नहीं पहुंचता। ऐसे हालात में इन गांवों में टेबलेट लेकर जब पुलिसकर्मी पहुंचेंगे तो वहां इंटरनेट काम ही नहीं करेगा। विगत दिनों विदेश मंत्रालय में आयोजित तीन दिवसीय बैठक के दौरान हैदराबाद पुलिस ने अपना प्रजेंटेशन दिया था।
कम से कम समय में न केवल वेरीफिकेशन होता है, बल्कि पुलिसकर्मी किसी को वेरीफिकेशन के लिए आवेदक के घर जाना ही पड़ता है, क्योंकि प्रत्येक टेबलेट में जीपीएस सिस्टम लगा है। पुलिसकर्मी की लोकेशन भी रिपोर्ट में आती है।
हाल ही में पासपोर्ट सेवा दिवस पर दिल्ली में हुई तीन दिवसीय बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई। देश भर से आए कई पासपोर्ट अधिकारियों ने न्यूनतम सीमा पर विरोध जताया। मंत्रालय अब जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाने जा रहा है।
रीजनल पासपोर्ट अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि विदेश मंत्रालय पासपोर्ट आवेदन सुधार की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
प्रत्येक वर्ष होने वाली बैठक में ऐसे ही मुद्दों पर बात की जाती है कि भारतीय नागरिक को किस प्रकार पासपोर्ट आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।
आरपीओ ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी उन आवेदकों को होती है जोकि प्राइवेट नौकरीपेशा होते हैं और नौकरी के चक्कर में एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर होते रहते हैं।
कई बार ऐसे लोग एक ही शहर में दस साल से ज्यादा समय बिताते हैं, मगर अपना कोई एड्रेस प्रूफ नहीं बनवा पाते। कई बार वह एक साल से कम समय ही एक पते पर बिता पाते हैं।
ऐसे ही लोगों की परेशानी को देखते हुए यह मुद्दा उठाया गया और न्यूनतम समय सीमा को घटाने की गुजारिश की गई।
आरपीओ का कहना है कि पासपोर्ट के लिए दो बातें आवश्यक होती हैं। एक तो उसकी पुलिस वेरीफिकेशन रिपोर्ट क्लीयर हो, दूसरा वह भारतीय नागरिक हो।
अधिकारी से मिलें आवेदक
आरपीओ नरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि पासपोर्ट आवेदन के दौरान किसी एक दस्तावेज में अगर कोई मामूली कमी है और अन्य सभी दस्तावेज दुरुस्त हैं तो ऐसे आवेदन को स्वीकार किया जाएगा। इसके बावजूद अगर कहीं किसी आवेदक को कोई परेशानी होती है तो वह सीधे उनसे मिल सकते हैं।
पुलिस के लिए आसान नहीं टेबलेट से वेरिफिकेशन
टेबलेट से पुलिसकर्मियों द्वारा पासपोर्ट वेरीफिकेशन योजना आसान नहीं है। हैदराबाद और यूपी में जमीन आसमान का अंतर है। हैदराबाद में जहां ज्यादातर एरिया शहरी है, वहीं यूपी में ज्यादातर ग्रामीण इलाके हैं।
इनमें से कई ऐसे हैं जहां नेटवर्क ही नहीं पहुंचता। ऐसे हालात में इन गांवों में टेबलेट लेकर जब पुलिसकर्मी पहुंचेंगे तो वहां इंटरनेट काम ही नहीं करेगा। विगत दिनों विदेश मंत्रालय में आयोजित तीन दिवसीय बैठक के दौरान हैदराबाद पुलिस ने अपना प्रजेंटेशन दिया था।
कम से कम समय में न केवल वेरीफिकेशन होता है, बल्कि पुलिसकर्मी किसी को वेरीफिकेशन के लिए आवेदक के घर जाना ही पड़ता है, क्योंकि प्रत्येक टेबलेट में जीपीएस सिस्टम लगा है। पुलिसकर्मी की लोकेशन भी रिपोर्ट में आती है।
खेल-खेल में चली गोली, बच्चे की मौत
लोनी आर्य नगर कालोनी में मंगलवार दोपहर ‘चोर-पुलिस’ खेल रहे बच्चों से तमंचे से गोली चल गई, जो मधुर (11) को लगी। उसकी मौत हो गई। हादसे से परिवार में कोहराम मचा है।
पुलिस ने दूसरे बच्चे के पिता को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। खेल रहे दोनों बच्चे चचेरे भाई हैं। गोली बच्चे से खुद लगी या दूसरे बच्चे से लगी, यह पता नहीं चल सका है। पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि सहसवान बदायूं निवासी जमुना प्रसाद आर्य नगर कालोनी में परिवार संग रहते हैं। जींस रंगाई फैक्ट्री में कर्मचारी और उनके ममेरे भाई ब्रह्मानंद कश्यप मकान के फर्स्ट फ्लोर पर रहते हैं।
ब्रहमानंद की पत्नी, दो बेटियां और छोटा बेटा गांव गए हुए थे, जबकि 11 वर्षीय बड़ा बेटा तरुण उनके साथ ही रुक गया था। मंगलवार दोपहर तरुण और जमुना प्रसाद का पुत्र मधुर (11) फर्स्ट फ्लोर के कमरे में ‘चोर-पुलिस’ खेल रहे थे।
पुलिस बना तरुण चोर बने मधुर को पकड़ने की कोशिश करने लगा। इस दौरान उन्हें घर में रखा तमंचा दिखा। उनमें से किसी ने तमंचा उठा लिया। खेल के दौरान अचानक तमंचे का ट्रिगर दब गया और गोली चल गई जो मधुर के पेट में जा लगी।
गोली की आवाज सुनकर परिवार के लोग फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचे, जहां मधुर लहूलुहान पड़ा था। उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बुधवार सुबह जमुना प्रसाद ने लोनी बार्डर थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। एसएचओ लोनी बार्डर वीरेंद्र यादव ने बताया कि छानबीन में पता चला है कि तमंचा ब्रह्मानंद का है, उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसका कहना है कि सुरक्षा के लिए तमंचा साथ रखता था।
किसने चलाई गोली, हो रही जांच
एसएचओ लोनी बॉर्डर वीरेंद्र यादव ने बताया कि घर में मातम का माहौल देखते हुए बच्चे से पूछताछ नहीं की गई है। ऐसे में यह साफ नहीं हुआ है कि गोली किसने चलाई।
पुलिस ने दूसरे बच्चे के पिता को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। खेल रहे दोनों बच्चे चचेरे भाई हैं। गोली बच्चे से खुद लगी या दूसरे बच्चे से लगी, यह पता नहीं चल सका है। पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस ने बताया कि सहसवान बदायूं निवासी जमुना प्रसाद आर्य नगर कालोनी में परिवार संग रहते हैं। जींस रंगाई फैक्ट्री में कर्मचारी और उनके ममेरे भाई ब्रह्मानंद कश्यप मकान के फर्स्ट फ्लोर पर रहते हैं।
ब्रहमानंद की पत्नी, दो बेटियां और छोटा बेटा गांव गए हुए थे, जबकि 11 वर्षीय बड़ा बेटा तरुण उनके साथ ही रुक गया था। मंगलवार दोपहर तरुण और जमुना प्रसाद का पुत्र मधुर (11) फर्स्ट फ्लोर के कमरे में ‘चोर-पुलिस’ खेल रहे थे।
पुलिस बना तरुण चोर बने मधुर को पकड़ने की कोशिश करने लगा। इस दौरान उन्हें घर में रखा तमंचा दिखा। उनमें से किसी ने तमंचा उठा लिया। खेल के दौरान अचानक तमंचे का ट्रिगर दब गया और गोली चल गई जो मधुर के पेट में जा लगी।
गोली की आवाज सुनकर परिवार के लोग फर्स्ट फ्लोर पर पहुंचे, जहां मधुर लहूलुहान पड़ा था। उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बुधवार सुबह जमुना प्रसाद ने लोनी बार्डर थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। एसएचओ लोनी बार्डर वीरेंद्र यादव ने बताया कि छानबीन में पता चला है कि तमंचा ब्रह्मानंद का है, उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसका कहना है कि सुरक्षा के लिए तमंचा साथ रखता था।
किसने चलाई गोली, हो रही जांच
एसएचओ लोनी बॉर्डर वीरेंद्र यादव ने बताया कि घर में मातम का माहौल देखते हुए बच्चे से पूछताछ नहीं की गई है। ऐसे में यह साफ नहीं हुआ है कि गोली किसने चलाई।
होंडा के शोरूम में आग, 45 गाड़ियां जलीं
जीटी रोड पर राकेश मार्ग के पास राज पैलेस में होंडा शोरूम जलकर राख हो गया। आग बुधवार रात करीब 10 बजे ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में लगी। 50 से ज्यादा दोपहिया (बाइक-स्कूटी) जल गए।
करीब दो घंटे की मशक्कत कर फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है। इस दौरान शोरूम के बाहर जाम लग गया। रात 12 बजे आग बुझने तक जीटी रोड पर जाम लगा रहा।
कोतवाली और साहिबाबाद फायर स्टेशन से 10 गाड़ियां मौकेपर पहुंची। गनीमत रही की हादसे के� वक्त शोरूम बंद था, जिस कारण कोई जनहानि नहीं हुई।
राकेश मार्ग राज पैलेस बिल्डिंग में जेकेएम लीला होंडा शोरूम है। शोरूम बंद था, गार्ड बाहर ड्यूटी पर था। शोरूम से धुआं और आग की लपटें निकलती देख हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
बेसमेंट में लगी आग ग्राउंड फ्लोर पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की गाडियां मौके पर पहुंची। जीटी रोड पर जाम और बाहर लोगों का जमावड़ा लग गया। एफएसओ ने बताया कि शोरूम के बेसमेंट में नए वाहन रखे थे।
जो कि आग की चपेट में आ गए। आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। शोरूम संचालक का दावा है कि क्षति का आंकलन सुबह हो पाएगा।
कॉलोनी में छाया अंधेरा
आग लगने की वजह से आसपास की कालोनियों की लाइटें भी काट दी गई थीं, लोगों को डर सता रहा था कि कहीं आग फैल न जाए। शोरूम के ऊपर से बिजली के तार जा रहे थे।
20 लोग बिल्डिंग में फंसे
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिल्डिंग में कई परिवार रहते हैं। 20-22 लोग आग के दौरान बिल्डिंग में फंस गए थे, जिन्हें पीछे के रास्ते से सकुशल निकाला गया।
करीब दो घंटे की मशक्कत कर फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है। इस दौरान शोरूम के बाहर जाम लग गया। रात 12 बजे आग बुझने तक जीटी रोड पर जाम लगा रहा।
कोतवाली और साहिबाबाद फायर स्टेशन से 10 गाड़ियां मौकेपर पहुंची। गनीमत रही की हादसे के� वक्त शोरूम बंद था, जिस कारण कोई जनहानि नहीं हुई।
राकेश मार्ग राज पैलेस बिल्डिंग में जेकेएम लीला होंडा शोरूम है। शोरूम बंद था, गार्ड बाहर ड्यूटी पर था। शोरूम से धुआं और आग की लपटें निकलती देख हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
बेसमेंट में लगी आग ग्राउंड फ्लोर पर पहुंच गई। फायर ब्रिगेड की गाडियां मौके पर पहुंची। जीटी रोड पर जाम और बाहर लोगों का जमावड़ा लग गया। एफएसओ ने बताया कि शोरूम के बेसमेंट में नए वाहन रखे थे।
जो कि आग की चपेट में आ गए। आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। शोरूम संचालक का दावा है कि क्षति का आंकलन सुबह हो पाएगा।
कॉलोनी में छाया अंधेरा
आग लगने की वजह से आसपास की कालोनियों की लाइटें भी काट दी गई थीं, लोगों को डर सता रहा था कि कहीं आग फैल न जाए। शोरूम के ऊपर से बिजली के तार जा रहे थे।
20 लोग बिल्डिंग में फंसे
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिल्डिंग में कई परिवार रहते हैं। 20-22 लोग आग के दौरान बिल्डिंग में फंस गए थे, जिन्हें पीछे के रास्ते से सकुशल निकाला गया।
खुलासा : ये रहा शाहिद और मीरा की शादी का कार्ड
नई दिल्ली। शाहिद कपूर की शादी की डेट बिल्कुल करीब आ गई है। वह सात जुलाई को मीरा राजपूत के साथ शादी के बंधन में बंध जाएंगे। ऐसे में मेहमानों को शादी के कार्ड भेजे जाने का सिलसिला जारी है अौर अगर आप भी यह कार्ड देखना चाहते हैं तो ये रहा। जी हां, यही है शाहिद कपूर और मीरा राजपूत की शादी का कार्ड, जो देखने में बहुत ही खूबसूरत और आकर्षक है। दोनों सात जुलाई को गुड़गांव के उद्योग विहार स्थित ओबरॉय होटल में शादी करने वाले हैं।
इस कार्ड में मीरा राजपूत के माता-पिता बेला और विक्रमादित्य राजपूत और शाहिद के माता-पिता नीलिमा अजीम और पंकज कपूर का नाम लिखा है। साथ में उनकी सौतेली मां सुप्रिया पाठक का भी नाम है।
इस कार्ड के नीचे लिखा है, 'नो गिफ्ट्स प्लीज, ओनली ब्लेशिंग'। इस शादी के बाद शाहिद कपूर 12 जुलाई को मुंबई में ग्रैंड रिसेप्शन देने वाले हैं। वैसे हाल ही में यह भी खबर सामने आई थी कि शाहिद कपूर ने अपनी शादी का पहला कार्ड अपनी एक्स गर्लफ्रेंड यानी करीना कपूर को भेजा है।
इससे पहले करीना कपूर ने कहा था कि अगर शाहिद कपूर उन्हें अपनी शादी में बुलाते हैं तो वह जरूर जाएंगी। चर्चा ये भी है कि शाहिद कपूर की होने वाली पत्नी मीरा राजपूत भी डांस रियलिटी शो 'झलक दिखला जा' में नजर आएंगी, जहां वो पूरी दुनिया से उनका परिचय कराएंगे।
आपको बता दें कि शाहिद कपूर पहली बार इस इस शो के जरिए टीवी पर डेब्यू करने जा रहे हैं और वह इस शो में माधुरी दीक्षित की जगह जज की कुर्सी पर नजर आएंगे।
चेकिंग में बिना टिकट पकड़े गए 15 दारोगा
लखनऊ। अवध-असम एक्सप्रेस में टीटीई पर धौंस जमाकर बिना टिकट सफर करते उत्तर प्रदेश पुलिस के 15 दारोगा पकड़े गए। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी देने पर सभी ने चुपचाप जुर्माना भर दिया। पकड़े गए दारोगा तो बस बानगी भर हैं। हर दिन ट्रेनों में सैकड़ों की संख्या में दारोगा फ्री में चलते हैं। न तो उनके पास टिकट होता है न पास और न ही एमएसटी।
मंगलवार को मुरादाबाद के सीनियर डीसीएम पुष्पराज और एसीएम एएन पाठक ने टीम के साथ शाहजहांपुर से रामपुर तक गुवाहटी से लालगढ़ जाने वाली अवध-असम एक्सप्रेस में चेकिंग शुरू की। उत्तर प्रदेश पुलिस के 15 दारोगा एसी थ्री व स्लीपर कोच में सफर करते मिले। टिकट मांगने पर वे टीटीई को धमकी दे रहे थे। दोनों अधिकारियों ने उनको पकड़ लिया। पूछताछ की तो दारोगा बोले कि हम स्टॉफ से जुड़े हैं और स्टॉफ टिकट नहीं खरीदता है। सभी दारोगा वर्दी में थे। तैनाती स्थल पूछने पर टालमटोल करने लगे। सीनियर डीसीएम ने उन्हें फटकार लगाई और मामले की रिपोर्ट डीजीपी को भेजने की चेतावनी दी तब उन्होंने किराये व जुर्माने का तत्काल भुगतान कर दिया। इसके अलावा 116 बिना टिकट यात्रियों को भी पकड़ा गया। उनसे 48600 रुपये जुर्माना वसूला। उधर, एसीएम एमसी त्रिपाठी ने छापामार दल के साथ दलपतपुर में ट्रेनों की चेकिंग की। 13 ट्रेनों में 175 बिना टिकट यात्री पकड़े गए, जिससे 75 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।


















