Friday, 24 July 2015
ब्रेकिंग न्यूज़: लालू की सभा में नेता की मौत
पटना (24 जुलाई):पूर्व मंत्री आनंद मोहन सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। आनन्द मोहन अपना भाषण खत्म करके बैठे ही थे की अचानक बेहोश हो गए फिर कार्यकर्ताओ ने बाहर लाकर करीब 20 मिनट तक गाड़ी खोजने में समय बर्बाद किया, जबकि वहां तमाम वीआईपी नेताओ की गाड़ियां लगी थी और फिर अस्पताल जाने के दौरान आनंद मोहन जी की मौत हो गई।
पूरी घटना का एक पहलू ये भी है कि भाषण खत्म करके आनंद मोहन जैसे ही बेहोश हुए कार्यकर्ताओं ने देसी नुस्खों से उन्हे होश में लाने की कोशिश की ...न किसी ने एम्बुलेंस को फोन किया और ना ही कोई उन्हे तुरंत अस्पताल लेकर गया जबकि लालू यादव सहित कई आला नेताओं की गाडियां अगल-बगल लगी थी। करीब 20 मिनट के बाद एक छोटी से गाड़ी से उन्हें पटना के पीएमसीएच ले जाने के दौरान ही उनकी मौत हो गई गई।
आबकारी विभाग की टीम पर शराब माफियाओं ने किया हमला, दो सिपाही घायल......
गाज़ियाबाद। जिले में शराब माफिया किसी कदर सक्रिय है और उनमे पुलिस का कितना खौफ है इसकी बानगी देररात देखने को मिली। बीती रात शराब माफियाओं ने आबकारी विभाग की टीम पर ही हमला बोल दिया। हमले के दौरान टीम में शामिल दो सिपाही घायल हो गए। इस मामले में आबकारी निरीक्षक की तरफ से माफियाओं के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कराया गया है। घायल सिपाहियों का रात को ही मेडिकल करा दिया गया था।
सिहानीगेट थाना प्रभारी उपेन्द्र यादव ने बताया कि बीती रात सूचना मिलने के बाद आबकारी विभाग की टीम शराब माफियाओं की तलाश में नंदग्राम पहुंची थी और वहां पहुंचकर शराब तस्करों को दबौचने का प्रयास किया तो माफियाओं ने आबकारी विभाग की टीम पर ही हमला कर दिया। माफियाओं के हमले से पुलिस टीम में शामिल दो सिपाही घायल भी हो गए। हमले के बाद शराब माफिया वहां से भागने में कामयाब हो गए। इस मामले में आबकारी निरीक्षक अखिलेश कुमार ने 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कराया है।
दिल्ली से मुंबई की दूरी 12 घंटे में तय करेगी ये स्पेनिश ट्रेन
नई दिल्ली (24 जुलाई) :देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच की दूरी ट्रेन से तय करने में अभी 17 घंटे वक्त लगता है। लेकिन स्पेन में बनी ट्रेन की मदद से ये दूरी अब सिर्फ 12 घंटे में ही पूरी हो सकेगी।
दिल्ली और मुंबई के बीच रेलवे ट्रैक भले ही पुराना पड़ गया है, लेकिन अक्टूबर में इस ट्रैक पर स्पेन की एक ट्रेन दौड़ सकती है। मोदी सरकार ने स्पेन की लोकोमोटिव मेकर ताल्गो को अपनी हल्की और तेज रफ्तार वाली ट्रेनों के ट्रायल रन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इन ट्रेनों से पुरानी रेल पटरियों को बदले बिना यात्रा का समय 40 फीसदी तक कम किया जा सकता है। ताल्गो की पैसेंजर ट्रेनें दुनिया के कई देशों में पुराने रेल ट्रैक्स पर दौड़ रही हैं।
ताल्गो के सीईओ जोस ओरियोल ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद बताया कि उन्हें अक्टूबर या नवंबर की शुरुआत तक अपनी ट्रायल ट्रेन भारत लाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन कंपनी अपने खर्च और जोखिम पर भारत लाएगी।
जोस ने बताया कि इसका मकसद यह दिखाना है कि इससे मुंबई और दिल्ली के बीच की दूरी 17 की बजाय 12 घंटों में पूरी हो सकती है। इसकी स्पीड 160 से 220 किलोमीटर के बीच होगी। ट्रेन को भारत लाने के लिए औपचारिक मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कंपनी ट्रायल के लिए अपने खर्चे पर ट्रेन और टेक्निशियंस को भारत लाएगी। भारतीय रेलवे की 125 अरब डॉलर के निवेश की महत्वाकांक्षी योजना के मद्देनजर ताल्गो देश में एक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना चाहती है। सरकार ने हाल ही में रेलवे सेक्टर में 100 फीसद एफडीआई का रास्ता खोला था।
कटरीना-सैफ़ की फिल्म 'फैंटम' का फर्स्ट लुक सामने आया
नई दिल्ली(24 जुलाई): फिल्म 'बजरंगी भाईजान' की सफलता के बाद अब डायरेक्टर कबीर खान की अगली फिल्म 'फैंटम' का फर्स्ट लुक सामने आया है। फिल्म के दो पोस्टर रिलीज किए गए हैं। बता दें, ये फिल्म एक टेररिज्म ड्रामा है। जिसमें एक्टर सैफ अली खान और एक्ट्रेस कटरीना कैफ मुख्य भूमिका में हैं। पोस्टर के जारी होते ही ये सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर ट्रेंड करने लगे।
पोस्टर्स में सैफ और काटरीना की आंखें तिरंगे से बंधी हुई नजर आ रही है और टैगलाइन में लिखा है 'ए स्टोरी यू विश वर ट्रू' यानि 'एक कहानी जो काश सच हो सकती।'
बता दें, डायरेक्टर कबीर खान के साथ कटरीना की यह तीसरी फिल्म होगी। इससे पहले कटरीना ने 'न्यू यॉर्क' और 'एक था टाइगर' जैसी सुपरहिट फिल्में दी हैं। जबकि सैफ के साथ दूसरी बार काम कर रही हैं। उन्होंने फिल्म 'रेस' में एक साथ काम किया था।
हुसैन जैदी की नॉवेल 'मुंबई एवेंजर्स' पर आधारित ये फिल्म 28 अगस्त को सिनेमाघरो में रिलीज होगी। साजिद नाडियाडवाला के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी ये फिल्म 26/11 मुंबई हमलों पर आधारित बताई जा रही है। सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट मिला है।
पोस्टर्स में सैफ और काटरीना की आंखें तिरंगे से बंधी हुई नजर आ रही है और टैगलाइन में लिखा है 'ए स्टोरी यू विश वर ट्रू' यानि 'एक कहानी जो काश सच हो सकती।'
बता दें, डायरेक्टर कबीर खान के साथ कटरीना की यह तीसरी फिल्म होगी। इससे पहले कटरीना ने 'न्यू यॉर्क' और 'एक था टाइगर' जैसी सुपरहिट फिल्में दी हैं। जबकि सैफ के साथ दूसरी बार काम कर रही हैं। उन्होंने फिल्म 'रेस' में एक साथ काम किया था।
हुसैन जैदी की नॉवेल 'मुंबई एवेंजर्स' पर आधारित ये फिल्म 28 अगस्त को सिनेमाघरो में रिलीज होगी। साजिद नाडियाडवाला के प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी ये फिल्म 26/11 मुंबई हमलों पर आधारित बताई जा रही है। सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट मिला है।
बाहुबली के पार्ट 2 में पिता की मौत का बदल लेगा नायक, शूटिंग 15 सितंबर से
चेन्नई (24 जुलाई) :ब्लॉकबस्टर फिल्म 'बाहुबली' के पार्ट 2 के बाकी बचे हिस्से की शूटिंग 15 सितंबर से शुरू हो जाएगी। ये जानकारी फिल्म में लीड भूमिका निभाने वाले अभिनेता प्रभास ने दी है।पार्ट-2 को 'बाहुबली द कॉन्क्लूज़न' के नाम से रिलीज़ किया जाएगा।
पार्ट -2 में दिखाया जाएगा कि फिल्म का मुख्य किरदार शिवुडु (प्रभास) किस तरह अपने पिता की मौत का बदला लेता है।
प्रभास ने बताया कि फिल्म की शूटिंग 15 सितंबर से शुरू हो जाएगी तब तक हम सब छुट्टियों से लौट आएंगे। पार्ट 2 का 40 फीसदी हिस्सा पहले ही शूट किया जा चुका है। अब ज़्यादातर युद्ध के दृश्यों की शूटिंग बाकी है।
प्रभास ने बताया कि फिल्म की शूटिंग 15 सितंबर से शुरू हो जाएगी तब तक हम सब छुट्टियों से लौट आएंगे। पार्ट 2 का 40 फीसदी हिस्सा पहले ही शूट किया जा चुका है। अब ज़्यादातर युद्ध के दृश्यों की शूटिंग बाकी है।
एस एस राजमौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में प्रभास, राना दग्गुबाती, तमन्नाह भाटिया और अनुष्का शेट्टी की मुख्य भूमिकाएं हैं।
बाहुबली के पार्ट 1 को 10 जुलाई को रिलीज़ किया गया था। तब से ये फिल्म 350 करोड़ रुपये से अधिका का कलेक्शन कर चुकी है।
ऐश्वर्या और उनकी बेटी आराध्या को बुख़ार!
मुंबई (24 जुलाई) : ऐश्वर्या राय बच्चन और उनकी बेटी आराध्या बच्चन की तबियत ठीक नहीं होने की ख़बर है। बताया जा रहा है कि दोनों को बुखार है।
बता दें कि ऐश्वर्या ने आराध्या के जन्म के बाद से अब पहली बार फिल्मों में सक्रिय होना शुरू किया है। ऐश्वर्या बुखार के बावजूद अपनी फिल्म 'जज्बा' की शूटिंग के साथ-साथ बेटी आराध्या का भी ख्याल रख रही हैं। ऐश्वर्या के लिए घर की ज़िम्मेदारियों के साथ प्रोफेशनल कमिटमेंट के लिए भी अपना समय एडजस्ट करना पड़ रहा है।
बीते हफ्ते के अंत में प्रो-कबड्डी लीग में ऐश्वर्या ने अपने पति अभिषेक बच्चन की टीम को भी चियर किया।
'खतरनाक है यादव सिंह और सत्ता का गठजोड़'
यादव सिंह मामले की सीबीआई जांच के लिए दायर याचिका में बताया गया कि यादव सिंह पर जनवरी 2012 में दर्ज मुकदमे की जांच सीबी-सीआईडी को सौंपी गई तो एजेंसी ने कड़ाई से जांच शुरू की।
वह यादव सिंह के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस तक जारी करवा चुकी थी, ताकि वह विदेश न भाग जाए। अचानक चंद महीनों में ही नाटकीय ढंग से सब कुछ बदल गया।
राजनीतिक गलियारों में इसे मौजूदा प्रदेश सरकार के खास नेताओं और यादव सिंह के बीच ‘कोई समझौता’ बताया गया।छापेमारी की कार्रवाई के बाद आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और सुप्रीम कोर्ट द्वारा काले धन की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी ने जांच शुरू की।
25 फरवरी, 2015 को केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने यूपी के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर यादव सिंह से संबंधित सभी दस्तावेज व सामग्री सीबीआई निदेशक को सौंपने को कहा।
प्रदेश सरकार ने इसका जवाब छह अप्रैल को दिया। कहा, मामले की जांच के लिए यूपी सरकार जस्टिस अमरनाथ वर्मा कमीशन बना चुकी है।
यह भी कहा कि हाईकोर्ट में भी सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका पर सुनवाई चल रही है। इसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा।सीबीआई जांच का फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को जब सीबीआई निदेशक को जांच सौंपने के लिए कहा तो प्रदेश सरकार ने जस्टिस वर्मा कमेटी बनाने का बहाना दे दिया जो उसने 10 फरवरी 2015 को ही बनाई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही काले धन की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। सर्वोच्च अदालत के आदेश केंद्र हो या राज्य सभी के लिए मान्य होते हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के आरोप हैं कि राजनेताओं से करीबी के चलते उसे बचाया जा रहा है। ये राजनेता मौजूदा व पूर्व सरकार से जुड़े हैं।
इस समय उनके नाम कोर्ट जारी नहीं कर सकती, लेकिन यादव सिंह, उसके परिवार और एसोसिएट का इनसे संबंध होना बेहद गंभीर आरोप है।
वह यादव सिंह के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस तक जारी करवा चुकी थी, ताकि वह विदेश न भाग जाए। अचानक चंद महीनों में ही नाटकीय ढंग से सब कुछ बदल गया।
राजनीतिक गलियारों में इसे मौजूदा प्रदेश सरकार के खास नेताओं और यादव सिंह के बीच ‘कोई समझौता’ बताया गया।छापेमारी की कार्रवाई के बाद आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और सुप्रीम कोर्ट द्वारा काले धन की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी ने जांच शुरू की।
25 फरवरी, 2015 को केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने यूपी के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर यादव सिंह से संबंधित सभी दस्तावेज व सामग्री सीबीआई निदेशक को सौंपने को कहा।
प्रदेश सरकार ने इसका जवाब छह अप्रैल को दिया। कहा, मामले की जांच के लिए यूपी सरकार जस्टिस अमरनाथ वर्मा कमीशन बना चुकी है।
यह भी कहा कि हाईकोर्ट में भी सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका पर सुनवाई चल रही है। इसी आधार पर निर्णय लिया जाएगा।सीबीआई जांच का फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को जब सीबीआई निदेशक को जांच सौंपने के लिए कहा तो प्रदेश सरकार ने जस्टिस वर्मा कमेटी बनाने का बहाना दे दिया जो उसने 10 फरवरी 2015 को ही बनाई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही काले धन की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। सर्वोच्च अदालत के आदेश केंद्र हो या राज्य सभी के लिए मान्य होते हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के आरोप हैं कि राजनेताओं से करीबी के चलते उसे बचाया जा रहा है। ये राजनेता मौजूदा व पूर्व सरकार से जुड़े हैं।
इस समय उनके नाम कोर्ट जारी नहीं कर सकती, लेकिन यादव सिंह, उसके परिवार और एसोसिएट का इनसे संबंध होना बेहद गंभीर आरोप है।


















