Saturday, 27 June 2015
भूख के चक्कर में दर्दनाक तरीक से गई अजगर की जान
20 जून को ली गई यह तस्वीर बीती 26 तारीख को सामने आई है. यह तस्वीर साउथ अफ्रीका के लेक इलैंड गेम रिसर्व के पास की हैतस्वीर में आप एक अदमी को इस सांप का पेट काटते हुए देख सकते हैं. इस पाइथान का पेट इसलिए काटना पड़ा क्योंकि इसने एक साही को खा लिया था.चूंकी इस साही का वजन 13 किलो से अधिका था और इतने वजन ने सांप की हालत ख़राब कर दी. 12 मीटर लंबे इस सांप की मौत का प्रमुख कारण साही के शरीर में लगे कांटे बनेकांटो से सांप के पेट में कई जगह चोट लगी और सांप की जान चली गई
तो फिलहाल बच गई वसुंधरा की कुर्सी, खतरा टला
ललित मोदी की मदद कर मुसीबतों में घिरी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ कार्रवाई का मामला फिलहाल टल गया है। भाजपा के साथ-साथ अब संघ भी इस मामले में फिलहाल वसुंधरा के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का पक्षधर है।
सरकार और पार्टी का सारा ध्यान अब इस विवाद से निकलने के लिए ललित मोदी को भारत ला कर कानून का सामना कराने पर टिक गया है।
इस बीच वसुंधरा की ओर से पार्टी नेतृत्व को सफाई पेश करने वाले राष्ट्रीय सह संगठन महासचिव सौदान सिंह ने शुक्रवार को संघ नेतृत्व को भी मुंबई में वसुंधरा के पक्ष से अवगत कराया।
सौदान ने पार्टी के संगठन महासचिव रामलाल की उपस्थिति में भाजपा के प्रभारी कृष्णगोपाल और वरिष्ठ नेता भैयाजी जोशी के समक्ष वसुंधरा का पक्ष रखा। बताते हैं कि इस मामले में वसुंधरा के पक्ष से संघ संतुष्ट है। इस बीच पार्टी नेतृत्व में विवाद का केंद्र फिर से दिल्ली केबन जाने के कारण वसुंधरा को शुक्रवार को राजस्थान में ही बने रहने का निर्देश दिया।
माना जा रहा है कि वसुंधरा अब शनिवार को दिल्ली आएंगी और नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के बाद बिना किसी वरिष्ठ नेता से मुलाकात के वापस राजस्थान लौट जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि वसुंधरा की मुसीबत उस समय ज्यादा बढ़ गई थी, जब मोदी के पक्ष में उनकी ओर से दिया गया हलफनामा सामने आया था।
इसके बाद वसुंधरा के खिलाफ कार्रवाई के मामले में पार्टी दो धड़े में बंट गई थी। वैसे भी वसुंधरा पर कार्रवाई करने वाले खेमे को उनकी ओर से बगावती तेवर दिखाने का भी डर सता रहा था।वसुंधरा राजे की कुर्सी पर से खतरा फिलहाल टल गया है। लंबी माथापच्ची के बाद भाजपा के साथ अब संघ ने भी वसुंधरा के बचाव का फैसला किया है। इस क्रम में वसुंधरा की सफाई से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराने के बाद सौदान ने शुक्रवार को संघ को भी पूरे मामले की जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक सौदान ने संघ नेतृत्व को बताया कि वसुंधरा ललित के समर्थन में कभी लंदन की अदालत में पेश होने से इंकार किया था। इस दौरान सौदान ने संघ नेतृत्व को वसुंधरा और ललित मोदी के बीच दोस्ती केबाद अरसे से जारी तनातनी से भी अवगत कराया।
इस बीच अपना पक्ष रखने शुक्रवार को दिल्ली आने वाली वसुंधरा ने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर अपना दौरा रद्द कर दिया। पार्टी नेतृत्व को डर था कि अगर वसुंधरा दिल्ली आती तो केंद्र की राजनीति में एक बार फिर पूरे प्रकरण पर सियासी हलचल तेज हो जाती।
माना जा रहा है कि शनिवार को नीति आयोग की बैठक में शिरकत करने के लिए यहां आने वाले वसुंधरा किसी नेता से अलग से मुलाकात नहीं करेंगी।
सरकार और पार्टी का सारा ध्यान अब इस विवाद से निकलने के लिए ललित मोदी को भारत ला कर कानून का सामना कराने पर टिक गया है।
इस बीच वसुंधरा की ओर से पार्टी नेतृत्व को सफाई पेश करने वाले राष्ट्रीय सह संगठन महासचिव सौदान सिंह ने शुक्रवार को संघ नेतृत्व को भी मुंबई में वसुंधरा के पक्ष से अवगत कराया।
सौदान ने पार्टी के संगठन महासचिव रामलाल की उपस्थिति में भाजपा के प्रभारी कृष्णगोपाल और वरिष्ठ नेता भैयाजी जोशी के समक्ष वसुंधरा का पक्ष रखा। बताते हैं कि इस मामले में वसुंधरा के पक्ष से संघ संतुष्ट है। इस बीच पार्टी नेतृत्व में विवाद का केंद्र फिर से दिल्ली केबन जाने के कारण वसुंधरा को शुक्रवार को राजस्थान में ही बने रहने का निर्देश दिया।
माना जा रहा है कि वसुंधरा अब शनिवार को दिल्ली आएंगी और नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के बाद बिना किसी वरिष्ठ नेता से मुलाकात के वापस राजस्थान लौट जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि वसुंधरा की मुसीबत उस समय ज्यादा बढ़ गई थी, जब मोदी के पक्ष में उनकी ओर से दिया गया हलफनामा सामने आया था।
इसके बाद वसुंधरा के खिलाफ कार्रवाई के मामले में पार्टी दो धड़े में बंट गई थी। वैसे भी वसुंधरा पर कार्रवाई करने वाले खेमे को उनकी ओर से बगावती तेवर दिखाने का भी डर सता रहा था।वसुंधरा राजे की कुर्सी पर से खतरा फिलहाल टल गया है। लंबी माथापच्ची के बाद भाजपा के साथ अब संघ ने भी वसुंधरा के बचाव का फैसला किया है। इस क्रम में वसुंधरा की सफाई से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराने के बाद सौदान ने शुक्रवार को संघ को भी पूरे मामले की जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक सौदान ने संघ नेतृत्व को बताया कि वसुंधरा ललित के समर्थन में कभी लंदन की अदालत में पेश होने से इंकार किया था। इस दौरान सौदान ने संघ नेतृत्व को वसुंधरा और ललित मोदी के बीच दोस्ती केबाद अरसे से जारी तनातनी से भी अवगत कराया।
इस बीच अपना पक्ष रखने शुक्रवार को दिल्ली आने वाली वसुंधरा ने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर अपना दौरा रद्द कर दिया। पार्टी नेतृत्व को डर था कि अगर वसुंधरा दिल्ली आती तो केंद्र की राजनीति में एक बार फिर पूरे प्रकरण पर सियासी हलचल तेज हो जाती।
माना जा रहा है कि शनिवार को नीति आयोग की बैठक में शिरकत करने के लिए यहां आने वाले वसुंधरा किसी नेता से अलग से मुलाकात नहीं करेंगी।
वनडे क्रिकेट टीम में बदले गए नियम, गेंदबाजों को होगा फायदा
बारबडोस(27 जून):अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद्(आईसीसी) ने वनडे क्रिकेट के नियमों में बदलाव किया है। क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था की बारबडोस में सालाना कांफ्रेंस में चार नए नियमों में को मंजूरी दी गई जो पांच जुलाई से लागू होंगे।
नए नियमों से गेंदबाजों को मदद मिलेगी, साथ ही बल्लेबाजों को भी फायदा होगा। अनिल कुम्बले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट कमिटी ने मई में इन बदलावों की सिफारिश की थी।
ये हैं नए नियम
1. अब हर नोबॉल पर फ्री हिट। इससे पहले सिर्फ ओवर स्टेपिंग नोबॉल पर ही फ्री हिट मिलती थी।
2. बैटिंग पावरप्ले समाप्त।
3. 41-50 ओवर के दौरान 30 गज के घेरे के बाहर पांच खिलाड़ी रखे जा सकेंगे।
4.पहले 10 ओवर में कैचिंग फील्डर(स्लिप/करीबी फील्डर) लगाने की अनिवार्यता समाप्त।
4.पहले 10 ओवर में कैचिंग फील्डर(स्लिप/करीबी फील्डर) लगाने की अनिवार्यता समाप्त।
नए नियमों से गेंदबाजों को फायदा होगा। पिछले कुछ सालों में लागू किए गए नए नियमों के चलते वनडे क्रिकेट का पलड़ा बल्लेबाजों की तरफ झुक गया था जिसके चलते नियमों सुधार की मांग उठ रही थी। एन श्रीनिवासन की अध्यक्षता वाली आईसीसी चीफ एग्जिक्यूटिव कमिटी ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दी। इस बारे में जानकारी देते हुए आईसीसी के एग्जिक्यूटिव डेविड रिचर्डसन ने बताया कि, वर्ल्ड कप के बाद हमने वनडे नियमों की समीक्षा की। नियमों में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं थी लेकिन इस फॉर्मेट को दर्शकों के लिए आसान बनाना चाहते थे। गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बनाना भी मकसद था।
फिल्म 'मोहल्ला अस्सी' को लेकर सेंसर बोर्ड को नोटिस
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने फिल्म 'मोहल्ला अस्सी' को लेकर केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस पर कोर्ट ने 30 जून को जवाब भी मांगा है। फिल्म 28 जून को रिलीज होनी है। फिल्म साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता काशीनाथ सिंह की पुस्तक 'काशी का अस्सी' विशेष रूप से उसके अध्याय 'पांडेय कौन कुमति तोहेन लागी' पर आधारित है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन तथा न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने कुछ आपत्तियों को लेकर आज केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में फिल्म सेंसर बोर्ड को भी नोटिस जारी कर 30 जून को जवाब देने को कहा गया है।
अभी इस फिल्म का जगह-जगह पर सिर्फ प्रीव्यू चल रहा है। जिसमें कुछ आपत्तिजनक बातों को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी।
इससे पहले भी वाराणसी में लोग इसके विरोध में खड़े हुए। बीते रविवार को फिल्म 'मोहल्ला अस्सी' के लीक ट्रेलर में गाली-गलौज को लेकर एक्टर सनी देओल और एक्ट्रेस साक्षी तंवर सहित डायरेक्टर के खिलाफ रविवार को एफआईआर दर्ज कराई गई। यह एफआईआर सर्वजन जागृति सभा की ओर से दर्ज कराई है।
एफआईआर में सनी देओल, रविकिशन, साक्षी तंवर, सौरभ शुक्ला के अलावा डायरेक्टर चंद्र प्रकाश द्विवेदी के भी नाम हैं। बुद्धिजीवी समाज हो या संत समाज सभी जगह इस फिल्म को लेकर अब रोष है। इस फिल्म की पूरी शूटिंग वाराणसी के अस्सी मोहल्ले और उसके आस पास हुई है।
उपन्यास के मुख्य किरदार तन्नी गुरु रहे हैं जिसकी भूमिका फिल्म में सनी देओल निभा रहे हैं जबकि और दूसरे चरित्र में भोजपुरी स्टार रवि किशन हैं।
करिश्मा और उपेन ने साथ में साइन की पहली फिल्म
मुंबई। डांस रियलिटी शो 'नच बलिए 7' की जोड़ी उपेन पटेल और करिश्मा तन्ना ने साथ में एक फिल्म साइन की है। इस फिल्म का निर्देशन एक चीनी निर्देशक एड लियू करेंगे।
करिश्मा ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, 'चीनी निर्देशक के साथ फिल्म साइन करके बेहद उत्साहित हूं।'


















