जी हां, बॉलीवुड के मशहूर छोटे डॉन यानि राजपाल यादव बॉलीवुड के बाद हॉलीवुड की गलियों में अपने अभिनय का प्रदर्शन करने को तैयार हैं। वह बहुत जल्द ही हॉलीवुड की सिल्वर स्क्रीन पर नजर आएंगे। इस संबंध में खुद अभिनेता राजपाल यादव का कहना उन्हें कई हॉलीवुड फिल्मों का ऑफर मिला है।
Monday, 29 June 2015
बॉलीवुड के बाद हॉलीवुड में धमाका करेंगें राजपाल यादव
बॉलीवुड में अपनी कॉमेडी के बल पर एक खास पहचान बनाने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों बॉलीवुड में सफलता का मजा चख रहे हैं। हैं। लेकिन फिलहाल उनके पास बॉलीवुड के अलावा हॉलीवुड की भी दो फिल्में हैं। जिनमें राजपाल यादव मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।
जी हां, बॉलीवुड के मशहूर छोटे डॉन यानि राजपाल यादव बॉलीवुड के बाद हॉलीवुड की गलियों में अपने अभिनय का प्रदर्शन करने को तैयार हैं। वह बहुत जल्द ही हॉलीवुड की सिल्वर स्क्रीन पर नजर आएंगे। इस संबंध में खुद अभिनेता राजपाल यादव का कहना उन्हें कई हॉलीवुड फिल्मों का ऑफर मिला है।
जी हां, बॉलीवुड के मशहूर छोटे डॉन यानि राजपाल यादव बॉलीवुड के बाद हॉलीवुड की गलियों में अपने अभिनय का प्रदर्शन करने को तैयार हैं। वह बहुत जल्द ही हॉलीवुड की सिल्वर स्क्रीन पर नजर आएंगे। इस संबंध में खुद अभिनेता राजपाल यादव का कहना उन्हें कई हॉलीवुड फिल्मों का ऑफर मिला है।
अच्छी खबर! अब इन कामों के लिए नहीं देना पड़ेगा एफिडेविट
हिमाचल सरकार ने सभी छोटे-बड़े कामों के लिए अब एफिडेविट देने का झंझट खत्म कर दिया है। केवल कोर्ट और कानूनन जरूरी कार्यों के लिए ही शपथ पत्र देना जरूरी होगा। सभी सरकारी कार्यालयों में अब महज सेल्फ डेक्लरेशन से ही काम चल सकेगा। चाहे जन्म के बाद बच्चे का पंजीकरण कराने में देरी हुई हो या फिर गैस सब्सिडी आदि। प्रधान सचिव कार्मिक एसकेबीएस नेगी ने इस संबंध में तमाम विभागों और सरकारी एजेंसियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
विभागों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अकसर यह देखा गया है कि सरकार की दिन-प्रतिदिन की कार्यप्रणाली में स्टांप पेपर, मजिस्ट्रेट या नोटरी से प्रमाणित प्रमाण-पत्रों का चलन है। इससे आवेदकों के काम में देरी हो रही है। अधिकतर कामों में ऐसे हलफनामे लेना जरूरी नहीं होता है।निचले स्तर के अधिकारियों या कर्मचारियों की ओर से ऐसा कानून की अज्ञानता से किया जा रहा है या फिर पूर्व से चले आ रहे नियम फॉलो किए जा रहे हैं। एक एफिडेविट पर 20 रुपये से लेकर 200 रुपये खर्च हो जाते हैं। इसमें समय अलग से बर्बाद होता है।
अब तय किया गया है कि सरकार की सारी एजेंसियां, विभाग, संगठन आदि तत्काल हलफनामे लेना बंद करें। आवेदकों से सेल्फ डेक्लरेशन ही लें। कानून के मुताबिक झूठी सेल्फ डेक्लरेशन देने वालों को भी दंडित किया जा सकता है। सरकार के ये आदेश अदालतों, अर्द्धन्यायिक इकाइयों जैसे उपभोक्ता आयोग, प्रशासनिक ट्रिब्यूनल, लोकायुक्त आदि पर लागू नहीं होंगे। हिमाचली बोनाफाइड प्रमाणपत्र में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। जन्म तिथि प्रमाणपत्र में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। डेथ सर्टिफिकेट में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। आय प्रमाणपत्र में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। कैटेगरी सर्टिफिकेट में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। युवा मंडलों का पंजीकरण में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। जनहित से जुड़े़ अन्य कार्य में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। विभिन्न विभागों से जुडे़ कार्य में अब एफिडेविट नहीं लगेगा।
हिमाचल सरकार के कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव एसकेबीएस नेगी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आम लोगों को सुविधाएं देने के लिए कोर्ट से संबंधित और अर्द्धन्यायिक सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी कार्यों में एफि डेविट प्रथा को खत्म कर दिया है। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकारी विभागों और एजेंसियों को इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने को कह दिया गया है।
विभागों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अकसर यह देखा गया है कि सरकार की दिन-प्रतिदिन की कार्यप्रणाली में स्टांप पेपर, मजिस्ट्रेट या नोटरी से प्रमाणित प्रमाण-पत्रों का चलन है। इससे आवेदकों के काम में देरी हो रही है। अधिकतर कामों में ऐसे हलफनामे लेना जरूरी नहीं होता है।निचले स्तर के अधिकारियों या कर्मचारियों की ओर से ऐसा कानून की अज्ञानता से किया जा रहा है या फिर पूर्व से चले आ रहे नियम फॉलो किए जा रहे हैं। एक एफिडेविट पर 20 रुपये से लेकर 200 रुपये खर्च हो जाते हैं। इसमें समय अलग से बर्बाद होता है।
अब तय किया गया है कि सरकार की सारी एजेंसियां, विभाग, संगठन आदि तत्काल हलफनामे लेना बंद करें। आवेदकों से सेल्फ डेक्लरेशन ही लें। कानून के मुताबिक झूठी सेल्फ डेक्लरेशन देने वालों को भी दंडित किया जा सकता है। सरकार के ये आदेश अदालतों, अर्द्धन्यायिक इकाइयों जैसे उपभोक्ता आयोग, प्रशासनिक ट्रिब्यूनल, लोकायुक्त आदि पर लागू नहीं होंगे। हिमाचली बोनाफाइड प्रमाणपत्र में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। जन्म तिथि प्रमाणपत्र में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। डेथ सर्टिफिकेट में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। आय प्रमाणपत्र में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। कैटेगरी सर्टिफिकेट में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। युवा मंडलों का पंजीकरण में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। जनहित से जुड़े़ अन्य कार्य में अब एफिडेविट नहीं लगेगा। विभिन्न विभागों से जुडे़ कार्य में अब एफिडेविट नहीं लगेगा।
हिमाचल सरकार के कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव एसकेबीएस नेगी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आम लोगों को सुविधाएं देने के लिए कोर्ट से संबंधित और अर्द्धन्यायिक सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी कार्यों में एफि डेविट प्रथा को खत्म कर दिया है। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकारी विभागों और एजेंसियों को इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने को कह दिया गया है।
Sunday, 28 June 2015
पार्टी अर्जुन की, महफिल लूटी रणबीर और कटरीना ने!
बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर ने अपना 30वां जन्मदिन मुंबई में मनाया. 2012 में फिल्म इश्कजादे से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले अर्जुन अब तक 'इश्कजादे', 'गुंडे', 'फाइंडिंग फैनी', 'तेवर' और 'टु स्टेट्स' जैसी कई हिट फिल्म दे चुके हैं.अर्जुन कपूर के इस बर्थडे बैश में बॉलीवुड के कई बड़े सितारे शामिल हुए. लव कपल रणबीर कपूर और कटरीना भी पार्टी में साथ-साथ शरीक होने पहुंचे.कुछ इस अंदाज में पहुंचे और रणबीर और कटरीना.
भारत में जूते बेच रहें हैं पाकिस्तान के डॉक्टर
अहमदाबाद (28 जून):आतंकवाद से परेशान पाकिस्तान के डॉक्टर अपना देश छोड़ने के लिए मजबूर हैं। पाकिस्तान के 200 डॉक्टर शरण लेने के लिए भारत आ गए हैं। हिदुओं पर लगातार हो रहे हमले से डरकर भारत आने वाले यह डॉक्टर अपना पेट पालने के लिए दुकानों में काम कर रहें हैं। इनमें से कुछ जूते बेच रहे हैं तो कोई डॉक्टर होने के बाद अस्पताल में मरीज का इलाज करने के बजाय गार्ड की नौकरी करने को मजबूर है।
कराची यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की परीक्षा पास करने के बाद दशरथ केला (38) ने साल 2001 में बतौर डॉक्टर अपना करियर शुरू किया था। पाकिस्तान में सैलरी भी 25 हजार रुपए महीना थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से वह 2006 में पाकिस्तान से भागकर अहमदाबाद में रहने लगे। आज MBBS दशरथ केला गुजरात के मणिनगर में अपने चचेरे भाई की जूतों की दुकान पर असिस्टेंट के तौर पर नौकरी करते हैं और उनकी कमाई 15 हजार रुपए महीना है। दशरथ इसी से अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं।
सिंध प्रांत में 46 साल के डॉक्टर जयराम लोहाना की कमाई एक लाख रुपए महीना थी। 2012 में वह पाकिस्तान से अहमदाबाद आ गए। यहां वह एयरपोर्ट के पास अपने एक रिश्तेदार की मोबाइल शॉप पर काम करते हैं। लोहाना कहते हैं कि हम आतंकवादियों के डर से वहां से अपनी जान बचाकर यहां आए हैं, लेकिन यहां कोई भी हमारी जिंदगी को पटरी पर लाने में मदद नहीं कर रहा है। पाकिस्तान में लोग हमें भगवान की तरह समझते हैं। यहां जिंदा रहने के लिए हमें नौकरी की भीख मांगनी पड़ रही है। लोहाना एक चैरिटेबल हॉस्पिटल में 20 हजार महीना पर 'सेवा' देते हैं। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में अपनी सेवाएं देने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन एमसीआई ने आवेदन खारिज कर दिया।
अधिकतर पाकिस्तानी डॉक्टर सुरक्षा कारणों से गुजरात में आकर बसे हैं। उनका कहना है कि असामाजिक तत्वों द्वारा पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू परिवारों की बेटियों का अपहरण और अवैध वसूली जैसी घटनाएं सामान्य हैं। अहमदाबाद में सिंधियों की बड़ी आबादी होने के कारण उनके लिए यहां बसना आसान रहा। आतंकी भी उन्हें मारने की धमकी देते थे।
मुंबई में प्लेटफॉर्म पर चढ़ी ट्रेन, कई यात्री घायल
मुंबई। मुंबई के चर्चगेट रेलवे स्टेशन पर उस समय तस्वीर भयावह हो गई जब वहां पर लोकल ट्रेन प्लेटफॉर्म पर चढ़ गई। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ये हादसा चर्चगेट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर हुआ है। इस हादसे में एक महिला गंभीर रूप से घायल है जबकि बाकी लोगों को मामूली चोटें आईं है।
इस मामले में रेलवे के एक अधिकारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि आमतौर पर जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आती है तो वो 30 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से आती है। लेकिन इस मामले में जांच करने के बाद ही पता चल पाएगा कि ट्रेन किस स्पीड में थी और इस हादसे का कारण क्या था?
शिल्पा ने छोटी बहन शमिता को दी ये खास सलाह
मुंबई(28 जून):बॉलिवुड ऐक्ट्रस शमिता शेट्टी जल्द ही छोटे पर्दे के डांस रियलिटी शो 'झलक दिखला जा 8' में बतौर कन्टेस्टन्ट के रुप में नजर आएंगी। शमिता की इस वापसी से उत्साहित बडी बहन व बॉलिवुड की मशहूर ऐक्ट्रस शिल्पा शेट्टी ने उन्हें दिल खोलकर और जमकर डांस करने की सलाह दी है।
शिल्पा ने कहा, 'मैं उसके लिए बहुत खुश हूं। मेरे लिए टेलीविजन सच में काफब सौभाग्यशाली रहा है और मैं आशा करती हूं कि यह उसके लिए भी भाग्यशाली साबित हो।' आपको बता दे कि शिल्पा डांस रियलिटी शो 'नच बलिए' की जज रह चुकी हैं।
शिल्पा का कहा है कि ये शो उतने आसान नहीं हैं, जितने दिखते हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने शमिता से दिल खोलकर डांस करने को कहा है। यह एक बहुत मुश्किल शो है। मैं तीन रियलिटी शो की जज रही हूं और बैठकर दूसरों लोगों को जज करना बहुत आसान है, मगर शो में कन्टेस्टन्ट बनकर डांस करना बिल्कुल आसान नहीं है।
पर्दे पर दिखेंगी 'इंदिरा', सोनिया गांधी की मंजूरी का है इंतजार
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जिंदगी पर जल्दी ही एक फिल्म बनने जा रही है। फिल्म को निर्देशक मनीष गुप्ता बना रहे हैं। इंदिरा गांधी की जिंदगी पर बनने वाली इस फिल्म में 25 जून 1975 को आधी रात लगाई गई इमरजेंसी को प्रमुखता से दिखाया जाएगा।
फिल्म के निर्देशक मनीष गुप्ता का कहना है कि हमारी कोशिश फिल्म में संतुलन बनाकर सभी पक्ष को दिखाने की है और स्क्रिप्ट लिखने से पहले उन्होने इंदिरा गांधी पर लिखी गईं कई किताबों को पढ़ा है। जिससे पूर्व प्रधानमंत्री को समझा जा सके।
इमरजेंसी को फिल्म में दिखाने से पहले निर्देशक इंदिरा गांधी के परिवार को विश्वाश में लेना चाहते हैं। इसीलिए उन्होने स्क्रिप्ट तैयार करने के बाद इसे पूर्व प्रधानमंत्री की बहू और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास भेजा है।पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रोल में पर्दे पर विद्या बालन नजर आएंगी। विद्या बालन महिला प्रधान फिल्मों में शानदार अभिनय के लिए अपनी एक अलग जगह बना चुकी हैं। अब विद्या पूर्व प्रधानमंत्री के रोल में दिखेंगी।मनीष गुप्ता के अनुसार फिल्म का नाम 'प्वाइंटब्लैंक इंदिरा' होगा। हालांकि इस नाम को अभी फाइनल नहीं माना जा रहा है। फिल्म के नाम में बदलाव किया जा सकता है। लेकिन फिल्म में लीड रोल में विद्या का नाम तय है।
विद्या बालन का कहना है कि इंदिरा गांधी भारत ही नहीं दुनिया की बड़ी लीडर रही हैं ऐसे में उनके किरदार को पर्दे पर उतारना आसान नहीं होगा। विद्या बालन के अनुसार वो अपने रोल के बारे अभी ज्यादा कुछ नहीं कह सकती।इंदिरा गांधी के रोल के लिए तो विद्या बालन का नाम फाइनल हो गया है। लेकिन अभी इस बात को लेकर काफी उत्सुकता है कि गांधी परिवार के और कितने सदस्यों को फिल्म में दिखाया जाएगा और इमरजेंसी के वक्त के कौन से दूसरे नेता फिल्म में दिखेंगे।संजय गांधी और राजीव गांधी के किरदारों में कौन दिखेगा। इसको लेकर भी अभी किसी का नाम फाइनल नहीं है। फिल्म में कांग्रेस के कितने नेताओं को दिखाया जाएगा। इसको लेकर भी निर्देशक ने अभी कोई नाम फाइनल नहीं किया है।माना जा रहा है कि सोनिया के स्क्रिप्ट पर जवाब के बाद ही निर्देशक फिल्म के लिए आगे नाम फाइनल करना चाहते हैं। फिल्म की शूटिंग जल्दी ही शुरू हो जाने की उम्मीद है।
फिल्म के निर्देशक मनीष गुप्ता का कहना है कि हमारी कोशिश फिल्म में संतुलन बनाकर सभी पक्ष को दिखाने की है और स्क्रिप्ट लिखने से पहले उन्होने इंदिरा गांधी पर लिखी गईं कई किताबों को पढ़ा है। जिससे पूर्व प्रधानमंत्री को समझा जा सके।
इमरजेंसी को फिल्म में दिखाने से पहले निर्देशक इंदिरा गांधी के परिवार को विश्वाश में लेना चाहते हैं। इसीलिए उन्होने स्क्रिप्ट तैयार करने के बाद इसे पूर्व प्रधानमंत्री की बहू और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास भेजा है।पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रोल में पर्दे पर विद्या बालन नजर आएंगी। विद्या बालन महिला प्रधान फिल्मों में शानदार अभिनय के लिए अपनी एक अलग जगह बना चुकी हैं। अब विद्या पूर्व प्रधानमंत्री के रोल में दिखेंगी।मनीष गुप्ता के अनुसार फिल्म का नाम 'प्वाइंटब्लैंक इंदिरा' होगा। हालांकि इस नाम को अभी फाइनल नहीं माना जा रहा है। फिल्म के नाम में बदलाव किया जा सकता है। लेकिन फिल्म में लीड रोल में विद्या का नाम तय है।
विद्या बालन का कहना है कि इंदिरा गांधी भारत ही नहीं दुनिया की बड़ी लीडर रही हैं ऐसे में उनके किरदार को पर्दे पर उतारना आसान नहीं होगा। विद्या बालन के अनुसार वो अपने रोल के बारे अभी ज्यादा कुछ नहीं कह सकती।इंदिरा गांधी के रोल के लिए तो विद्या बालन का नाम फाइनल हो गया है। लेकिन अभी इस बात को लेकर काफी उत्सुकता है कि गांधी परिवार के और कितने सदस्यों को फिल्म में दिखाया जाएगा और इमरजेंसी के वक्त के कौन से दूसरे नेता फिल्म में दिखेंगे।संजय गांधी और राजीव गांधी के किरदारों में कौन दिखेगा। इसको लेकर भी अभी किसी का नाम फाइनल नहीं है। फिल्म में कांग्रेस के कितने नेताओं को दिखाया जाएगा। इसको लेकर भी निर्देशक ने अभी कोई नाम फाइनल नहीं किया है।माना जा रहा है कि सोनिया के स्क्रिप्ट पर जवाब के बाद ही निर्देशक फिल्म के लिए आगे नाम फाइनल करना चाहते हैं। फिल्म की शूटिंग जल्दी ही शुरू हो जाने की उम्मीद है।


















