Saturday, 18 July 2015
डॉक्टरों ने महिला को अस्पताल से बाहर फेंका
कानपुर (18 जुलाई):अखिलेश यादव के 'उत्तम प्रदेश' से एक बार फिर लोगों को झंकझोर कर रख देने वाली खबर सामने आई है। खबर के अनुसार, कानपुर में जख्मी महिला को डॉक्टरों ने इलाज करने के बजाय अस्पताल से बाहर फेंक दिया।
जूनियर डाक्टरों ने इस महिला को सिर्फ इस बात पर अस्पताल से बाहर निकाल कर गंगा बैराज पर फिंकवा दिया था क्योंकि उसके साथ कोई तीमारदार नहीं था और वो दर्द से वार्ड में कराहती रहती थी। इस महिला का ट्रेन की चपेट में आने से बाएं पैर का पंजा कट गया था। घायल महिला को जीआरपी पुलिस ने हैलट अस्पताल में भर्ती कराया था।
शाहरुख के बाद अब आमिर-सलमान के साथ काम करना चाहती हैं कृति
नई दिल्ली(18 जुलाई): फिल्म 'हीरोपंती' से बी-टाउन में डेब्यू करने वाली एक्ट्रेस कृति सैनन अपनी पहली फिल्म से ही दर्शको को काफी पसंद आई है। बता दें, इन दिनो वो सुपरस्टार शाहरुख खान की चर्चित फिल्म 'दिलवाले' की शूटिंग कर रही है।
हाल ही में 'हीरोपंती' स्टार ने सलमान खान और आमिर खान के साथ भी काम करने की इच्छा जाहिर की है। कृति ने कहा, 'मैं आगे भविष्य में आमिर और सलमान के साथ भी काम करना चाहूंगी। ये ऐसे दो शख्स हैं, जिन्हें मैंने अपनी अब तक की जिंदगी में बड़े पर्दे पर ही देखा है।'
उन्होंने आगे कहा कि, 'मैं शाहरूख खान के साथ अभिनय का मौका पाकर खुद को काफी लकी मानती हूं।' बॉलिवुड में मेरा कोई अपनी नहीं है और यह सब ऐसा है जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। जब कभी-कभी मैं इन बड़े फिल्मी सितारों के साथ होती हूं, तो सोचती हूं कि वाकई में यह सच है या सपना।'
उन्होंने आगे कहा कि, 'मैं शाहरूख खान के साथ अभिनय का मौका पाकर खुद को काफी लकी मानती हूं।' बॉलिवुड में मेरा कोई अपनी नहीं है और यह सब ऐसा है जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। जब कभी-कभी मैं इन बड़े फिल्मी सितारों के साथ होती हूं, तो सोचती हूं कि वाकई में यह सच है या सपना।'
दीपिका के बाद अब सुजीत की फिल्म में रणबीर आएंगे नजर
नई दिल्ली(18 जुलाई): खबर है कि 'पीकू' की सफलता के बाद अब फिल्म के डायरेक्टर सुजीत सरकार की अगली फिल्म में एक्टर रणबीर कपूर नजर आएंगे। अगर, ऐसा हुआ तो दोनों पहली बार दोनो एक साथ काम करेंगे।
आपको बता दे, बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित होने वाली फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ के बाद रणबीर अब काफी सोच समझ कर नए प्रोजेक्ट का चुनाव कर रहे हैं और सुजीत की फिल्मो का ट्रैक रिकॉर्ड अब तक अच्छा रहा है।
फिलहाल, रणबीर के पास अभी दो फिल्में हैं। इम्तियाज अली की 'तमाशा' जिसमें उनके साथ एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण हैं और दूसरी फिल्म उनकी लेडी लव कटरीना कैफ के साथ 'जग्गा जासूस' है।
देशभर में धूमधाम से मनाई जा रही है ईद, राष्ट्रपति, पीएम ने दी बधाई
नई दिल्ली, ग़ज़ियाबाद ( 18 जुलाई ): रमजान के पाक महीने के पूरा होने पर आज देश भर में ईद धूमधाम से मनाई जा रही है। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रषब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने देशवासियों को इस पाक त्योहार की बधाई दी है।
ईद के पाक मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि ईद-उल-फितर के खुशी के मौके पर, मैं अपने नागरिकों को, खासतौर पर सभी मुसलमान भाइयों-बहनों को बधाइयां और शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि यह पावन दिन हम सब में सदाशयता और करुणा की भावना का संचार करे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह ट्वीट कर देशवासियों को ईद की बधाई दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि मैं देशवासियों को ईद के मौके पर बधाई देता हूं। मोदी ने दो ट्वीट्स किए जिनमें एक उर्दू और एक हिंदी में है।
कटरीना के साथ 'बजरंगी भाईजान'में काम नहीं करना चाहते थे सलमान
नई दिल्ली (17 जुलाई)सलमान खान की फिल्म 'बजरंगी भाईजान' आज रिलीज हो गई। लोगों को फिल्म काफी पसंद आ रही है। लेकिन खबर है कि फिल्म के डायरेक्टर कबीर खान पहले इस फिल्म की कटरीना कैफ को साइन करना चाहते थे लेकिन सलमान अपनी एक्स गर्लफ्रेंड के साथ काम नहीं करना चाहते थे इसलिए उन्होंने करीना को फिल्म में लेने को कहा।
आपको बता दें कि इससे पहले साल 2012 में कबीर की फिल्म 'एक था टाइगर' में सलमान और कटरीना ने अहम भूमिका निभाई थी। इस फिल्म के शूटिंग के दौरान से ही दोनों के ब्रेकअप की खबरें आने लगी थीं। इसके बाद सलमान और कटरीना किसी फिल्म में साथ काम नहीं किया।
धूमधाम से निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा
नई दिल्ली( 18 जुलाई ): भगवान जगन्नाथ रथयात्रा आज निकाली जा रही है। परंपरा के मुताबिक गुजरात के मुख्यमंत्री आनंदीबेन ने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के रास्ते को साफ किया। इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो वो इस यात्रा का रथ खींच कर शुरूआत किया करते थे। लेकिन इस बार प्रधानमंत्री इस यात्रा में शामिल नहीं हो रहे हैं और भगवान जगन्नाथ के लिए जामुन और मूंग का प्रसाद भेजा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में यह रथयात्रा निकाली जाती है।
क्यों खास होती यह रथयात्रा
पुराणों के अनुसार जगन्नाथपुरी का वर्णन स्कन्द पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और ब्रह्म पुराण में मिलता है। जगन्नाथ मंदिर के निजी भृत्यों की एक सेना है जो 36 रूपों तथा 97 वर्गों में विभाजित कर दी गई है। पहले इनके प्रधान खुर्द के राजा थे जो अपने को जगन्नाथ का भृत्य समझते थे। जगन्नाथ रथयात्रा आरंभ होने की शुरुआत से ही पुराने राजाओं के वंशज पारंपरिक ढंग से सोने के हत्थे वाली झाडू से भगवान जगन्नाथ जी के रथ के सामने झाडु लगाते हैं। इसके बाद मंत्रोच्चार एवं जयघोष के साथ रथयात्रा शुरू होती है। कई पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनि के बीच विशाल रथों को सैकड़ों लोग मोटे-मोटे रस्सों से खींचते हैं।
सबसे पहले बलभद्र यानी भाई बलराम जी का रथ तालध्वज में प्रस्थान करता है। थोड़ी देर बाद बहन सुभद्रा जी का रथ चलना शुरू होता है। अंत में लोग जगन्नाथ जी के रथ को बड़े ही श्रद्धापूर्वक खींचते हैं। मान्यता है कि सहयोग से रथ खींचने में मोक्ष मिलता है। जगन्नाथ जी की यह रथयात्रा गुंदेचा मंदिर पहुंचकर संपन्न होती है। 'गुंदेंचा मंदिर' वहीं है, जहां विश्वकर्मा ने तीनों देव प्रतिमाओं का निर्माण किया था। इसे 'गुंदेचा बाड़ी' भी कहते हैं। यह भगवान की मौसी का घर भी माना जाता है। सूर्यास्त तक यदि कोई रथ गुंदेचा मंदिर नहीं पहुंच पाता तो वह अगले दिन यात्रा पूरी करता है। गुंदेचा मंदिर में भगवान एक सप्ताह प्रवास करते हैं। इस बीच इनकी पूजा अर्चना यहीं होती है। काशी की तरह जगन्नाथ धाम में भी पंच तीर्थ हैं जो कि क्रमशः मार्कण्डेय, वट (कृष्ण), बलराम, समुद्र और इन्द्रद्युम्न सेतु माने जाते हैं।
आषाढ़ शुक्ल दशमी को भगवान जगन्नाथ जी की वापसी रथ यात्रा शुरू होती है। इसे बाहुड़ा यात्रा कहते हैं। शाम से पूर्व ही रथ जगन्नाथ मंदिर तक पहुंच जाते हैं। जहां एक दिन प्रतिमाएं भक्तों के दर्शन के लिए रथ में ही रखी रहती हैं। अगले दिन प्रतिमाओं को मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के गर्भगृह में पुन: स्थापित कर दिया जाता है। मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा की सौम्य प्रतिमाओं को श्रद्धालु एकदम निकट से देख सकते है। भक्त एवं भगवान के बीच यहां कोई दूरी नहीं रखी जाती। काष्ठ की बनी इन प्रतिमाओं को भी कुछ वर्ष बाद बदलने की परंपरा है। जिस वर्ष अधिमास रूप में आषाढ़ माह अतिरिक्त होता है उस वर्ष भगवान की नई मूर्तियां बनाई जाती हैं। यह अवसर भी उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
बीबीनगर रेप पीड़िता की हत्या कर फंदे से लटका दिया शव
बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव में बलात्कार पीड़िता की हत्या कर शव उसी के घर में पंखे के कुंदे से लटका दिया। रात में बारिश आने पर जब बच्चे उठे तो उन्होंने अपनी मां की लाश लटकी हुई देखी।
परिजनों ने बलात्कार के आरोपी और उसके भाई पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
मृतका के पति ने पुलिस को बताया कि 17 नवंबर 2013 को उसकी 35 वर्षीय पत्नी घर पर अकेली थी। तभी गांव के ही आरोपी सुनील पुत्र धर्मपाल ने उसके साथ बलात्कार किया था।पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश की। कोर्ट में मृतका ने आरोपी के खिलाफ बयान दिए थे।
आपको बता दें कि करीब 10 माह पहले सुनील जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। तब से लगातार सुनील और उसका भाई जितेंद्र उर्फ भूरे पुत्र धर्मपाल फैसले का दबाव बना रहे थे।
मृतका के परिजों का आरोप है कि 15 जुलाई को जितेंद्र उर्फ भूरे ने मृतका के पिता को फोन किया और आरोपी ने दो दिन में पीड़िता की हत्या करने की धमकी दी थी।मृतका के पति ने बताया कि गुरुवार रात वह घेर में सो रहा था वहीं उसके बच्चे अपनी मां के साथ आंगन में पेड़ के नीचे सो रहे थे। रात करीब 2 बजे बारिश आने पर बच्चे उठे और अंदर कमरे में चलने लगे तो देखा कि उनकी मां कमरे में पंखे के कुंदे के सहारे लटकी हुई है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया और जल्द आरोपियों को पकड़ने की बात कही। मृतका के पति ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
केस में केवल जांच अधिकारी के बयान रह गए हैं। बयान होने के बाद कोर्ट जल्द ही फैसला सुनाने वाली थी।परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने उस धमकी की शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो यह घटना न होती। एसएसपी ने मामले में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर बीबीनगर दिनेश कुमार वशिष्ठ को जमकर लताड़ लगाई।
वहीं एएसपी अनंत देव के मुताबिक बीबीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला संदिग्ध परिस्थितियों में घर के कमरे में फंदे पर लटकी मिली। मृतक महिला के साथ वर्ष 2013 में बलात्कार हुआ था।
मामला कोर्ट में विचाराधीन है। परिजनों ने बलात्कार के आरोपी और उसके भाई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच कर मामले में कार्रवाई की जा रही है।
परिजनों ने बलात्कार के आरोपी और उसके भाई पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
मृतका के पति ने पुलिस को बताया कि 17 नवंबर 2013 को उसकी 35 वर्षीय पत्नी घर पर अकेली थी। तभी गांव के ही आरोपी सुनील पुत्र धर्मपाल ने उसके साथ बलात्कार किया था।पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश की। कोर्ट में मृतका ने आरोपी के खिलाफ बयान दिए थे।
आपको बता दें कि करीब 10 माह पहले सुनील जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। तब से लगातार सुनील और उसका भाई जितेंद्र उर्फ भूरे पुत्र धर्मपाल फैसले का दबाव बना रहे थे।
मृतका के परिजों का आरोप है कि 15 जुलाई को जितेंद्र उर्फ भूरे ने मृतका के पिता को फोन किया और आरोपी ने दो दिन में पीड़िता की हत्या करने की धमकी दी थी।मृतका के पति ने बताया कि गुरुवार रात वह घेर में सो रहा था वहीं उसके बच्चे अपनी मां के साथ आंगन में पेड़ के नीचे सो रहे थे। रात करीब 2 बजे बारिश आने पर बच्चे उठे और अंदर कमरे में चलने लगे तो देखा कि उनकी मां कमरे में पंखे के कुंदे के सहारे लटकी हुई है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया और जल्द आरोपियों को पकड़ने की बात कही। मृतका के पति ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
केस में केवल जांच अधिकारी के बयान रह गए हैं। बयान होने के बाद कोर्ट जल्द ही फैसला सुनाने वाली थी।परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने उस धमकी की शिकायत को गंभीरता से लिया होता तो यह घटना न होती। एसएसपी ने मामले में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर बीबीनगर दिनेश कुमार वशिष्ठ को जमकर लताड़ लगाई।
वहीं एएसपी अनंत देव के मुताबिक बीबीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला संदिग्ध परिस्थितियों में घर के कमरे में फंदे पर लटकी मिली। मृतक महिला के साथ वर्ष 2013 में बलात्कार हुआ था।
मामला कोर्ट में विचाराधीन है। परिजनों ने बलात्कार के आरोपी और उसके भाई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच कर मामले में कार्रवाई की जा रही है।


















