Friday, 7 August 2015
बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अरविंद केजरीवाल से की मुलाकात
नई दिल्ली (7 अगस्त): बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पार्टी से अलग हटकर बयान देकर और विपक्षी पार्टियों के नेताओं से मुलाकात कर सुर्खियों में बने रहते हैं। बीजेपी के इस सांसद ने अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से उनके घर पर मुलाकात की है।
केजरीवाल से मिलने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा दिल्ली के मुख्यमंत्री से मिलना कोई अपराध नहीं है। मैं उनसे दिल्ली के विकास और एफटीआईआई मुद्दे पर बात करने के लिए आया था। उन्होंने कहा कि केजरीवाल से मुलाकात में किसी भी चुनाव पर बातें नहीं हुई हैं।
वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शत्रुघ्न सिन्हा से मुलाकात के बारे में कहा कि भाजपा सांसद से मुलाकात दिल्ली के मुद्दे और कला-संस्कृति को लेकर हुई। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, हमारी सरकार दिल्ली में भी फिल्म सीटी खोलना चाहती है।
दोनों के साथ बैठक में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सीसोदिया और आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष भी मौजूद थे। बता दें इससे पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। वहीं लोकसभा के 25 सांसदों के निलंबन पर भी उन्होने आपत्ति जताई थी।
ना बिल, ना मीटर, फूंकी जा रही सच्चिदानंद के बंगले में बिजली
नोएडा के सेक्टर- 41 के सी ब्लॉक स्थित सचिन दत्ता उर्फ सच्चिदानंद गिरि की कोठी में बिजली की खपत पर विजलेंस विभाग की नजर है। आरडब्लूए के मुताबिक,सचिन दत्ता के घर में कई एसी लगे हैं।
दिन में भी कोठी परिसर में लगे बल्ब जलते रहते हैं। बिजली विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, सचिन दत्ता के पिता राजेंद्र कुमार दत्ता बिजली विभाग में सहायक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हैं।
नियम के मुताबिक, बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को जीवन भर एक फिक्स चार्ज पर बिजली दी जाती है। यह फिक्स चार्ज काफी कम है।इस नियम की सुविधा के मुताबिक, सहायक अभियंता प्रति माह पांच किलोवॉट लोड इस्तेमाल कर सकते हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस कोठी में बिजली का कनेक्शन राजेंद्र कुमार दत्ता के नाम पर है।
वहीं, आरडब्लूए का कहना है कि� कोठी के पते पर सचिन दत्ता का नाम दर्ज है। अब सवाल यह उठता है कि कोठी यदि सचिन दत्ता के नाम पर है तो बिजली का कनेक्शन उनके पिता के नाम पर कैसे हो गया।
यदि कोठी उसके पिता के नाम पर है या उन्होंने बिजली विभाग में इस जानकारी के साथ कि वह अपने बेटे के साथ रहते हैं,बिजली का कनेक्शन लिया है तब भी ज्यादा लोड पर अंधाधुंध बिजली कैसे खर्च की जा रही है।बिजली विभाग के अधिकारियों को जीवन भर मिलने वाली बिजली की इस सुविधा में उनके घर में मीटर लगाना भी अनिवार्य नहीं है।
बिजली विभाग के विजलेंस इंस्पेक्टर तेजेंदर सिंह का कहना है कि पूरा मामला जांच का विषय है। पिता यदि वहां रहते भी हैं, तब भी पांच किलोवॉट से ज्यादा लोड नहीं होना चाहिए।
यदि लोड इससे ज्यादा है तो यह अपराध है। मीटर भले ही न लगाया जाए, लेकिन एसी की संख्या से लोड स्पष्ट हो जाता है। शुक्रवार को टीम वहां जाएगी। पांच किलोवॉट से ज्यादा लोड मिला तो जुर्माना के साथ साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधमपुर आतंकी हमले में मारे गए शहीद रॉकी को दी गई अंतिम विदाई
नई दिल्ली (7 अगस्त):उधमपुर हमले में आतंकियों के साथ लोहा लेते हुए शहीद हुए बीएसएफ के जांबाज कॉन्स्टबेल रॉकी का शुक्रवार को उनके गृहनगर यमुनानगर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया और वहां मौजूद लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
रॉकी ने बुधवार को उधमपुर में आतंकियों के साथ लड़ते हुए शहीद हुआ था। बीएसएफ ने दावा किया था कि इस मुठभेड़ में मारे गए एकमात्र आतंकी को रॉकी ने जख्मी होने के बावजूद मार गिराया था।
रॉकी के घर अभी किसी मंत्री के न पहुंचने से उनके भाई रोहित कुमार आहत हैं। उन्होंने कहा, 'मैं उन मंत्रियों से नाराज हूं, जो वोट मांगने तो घर-घर आते हैं, लेकिन मेरे भाई के शहीद होने पर अब तक नहीं आए। कहां हैं वो? सभी को पता है कि उसका शव दो दिन से रखा है, किसी को तो आना चाहिए था। वो बहुत जांबाज सैनिक था।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शहीद रॉकी के आश्रित को सरकारी नौकरी की घोषणा की है। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि 20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी शहीद के परिवार को दी जाएगी।
ये हैं गोल्डन बाबा, ऑडी से चलते हैं, पहनते हैं 11 किलो सोना
काफिला ऐसा, ऑडी और फार्च्युनर जैसी लग्जरी गाड़ियां तो ट्रक और छोटा हाथी भी। सुरक्षा में 25 निजी कर्मचारियों के साथ पुलिस भी। खुद 11 किलो सोने के गहनों से लदे।
ये हैं भगवान शिव में अगाध श्रद्धा रखने वाले रेडीमेड कपड़ों के कारोबारी गोल्डन बाबा। बृहस्पतिवार रात नौ बजे ये हरिद्वार से कांवड़ लेकर दादरी गांव पहुंचे तो इन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई।
हर कोई उनसे हाथ मिलाने को उत्सुक नजर आया। हरिद्वार से दिल्ली तक चर्चित गोल्डन बाबा (सुधीर कुमार) आठ मोटी-मोटी अंगूठी, गले में 15 चेन, दो ब्रेसलेट के अलावा दोनों हाथों में भारी बाजूबंद समेत 11 किलो सोना पहनकर चल रहे हैं।पिछले साल इन्होंने साढ़े आठ किलो सोना पहना था। दिल्ली के शाहदरा निवासी गोल्डन बाबा का रेडीमेड कपड़े का कारोबार है। बकौल गोल्डन बाबा, मैं जब तक मेरे प्राण रहेंगे, तब तक मैं कांवड़ लाता रहूंगा।
भगवान शिव से मेरी आत्मा जुड़ी है। इस बार मैं 23वीं कांवड़ लेकर हरिद्वार से दिल्ली जा रहा हूं। शिवरात्रि पर साढ़े चार किलो की सोने की जैकेट भी पहनूंगा, जिसे विशेष इसी दिन के लिए बनवाई है।स बार उनके साथ 25 निजी गार्ड हैं। इसके अलावा 350 कांवड़ियों और 25 सेवादारों की फौज है। गोल्डन बाबा ने बताया कि जब वह पहली बार कांवड़ लेकर आए थे, तब ढाई सौ रुपये खर्च हुए थे। इस बार उनकी 23वीं कांवड़ है। इस पर करीब एक करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। 11 अगस्त को वह दिल्ली पहुंचेंगे।
22 गाड़ियों का काफिला
गोल्डन बाबा के काफिले में 22 गाड़ियां हैं। इनमें एक ऑडी, दो फार्च्युनर, दो स्कॉर्पियो, दो इनोवा, दो क्वॉलिस, तीन बड़े ट्रक, पांच टेंपो, एक एंबुलेंस और चार छोटा हाथी शामिल हैं।
ये हैं भगवान शिव में अगाध श्रद्धा रखने वाले रेडीमेड कपड़ों के कारोबारी गोल्डन बाबा। बृहस्पतिवार रात नौ बजे ये हरिद्वार से कांवड़ लेकर दादरी गांव पहुंचे तो इन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई।
हर कोई उनसे हाथ मिलाने को उत्सुक नजर आया। हरिद्वार से दिल्ली तक चर्चित गोल्डन बाबा (सुधीर कुमार) आठ मोटी-मोटी अंगूठी, गले में 15 चेन, दो ब्रेसलेट के अलावा दोनों हाथों में भारी बाजूबंद समेत 11 किलो सोना पहनकर चल रहे हैं।पिछले साल इन्होंने साढ़े आठ किलो सोना पहना था। दिल्ली के शाहदरा निवासी गोल्डन बाबा का रेडीमेड कपड़े का कारोबार है। बकौल गोल्डन बाबा, मैं जब तक मेरे प्राण रहेंगे, तब तक मैं कांवड़ लाता रहूंगा।
भगवान शिव से मेरी आत्मा जुड़ी है। इस बार मैं 23वीं कांवड़ लेकर हरिद्वार से दिल्ली जा रहा हूं। शिवरात्रि पर साढ़े चार किलो की सोने की जैकेट भी पहनूंगा, जिसे विशेष इसी दिन के लिए बनवाई है।स बार उनके साथ 25 निजी गार्ड हैं। इसके अलावा 350 कांवड़ियों और 25 सेवादारों की फौज है। गोल्डन बाबा ने बताया कि जब वह पहली बार कांवड़ लेकर आए थे, तब ढाई सौ रुपये खर्च हुए थे। इस बार उनकी 23वीं कांवड़ है। इस पर करीब एक करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। 11 अगस्त को वह दिल्ली पहुंचेंगे।
22 गाड़ियों का काफिला
गोल्डन बाबा के काफिले में 22 गाड़ियां हैं। इनमें एक ऑडी, दो फार्च्युनर, दो स्कॉर्पियो, दो इनोवा, दो क्वॉलिस, तीन बड़े ट्रक, पांच टेंपो, एक एंबुलेंस और चार छोटा हाथी शामिल हैं।
Thursday, 6 August 2015
आखिरी सांस तक लड़ता रहा रॉकी, बचाई 44 जवानों की जान
जम्मू (6 अगस्त): सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने आज कहा कि जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में कल बीएसएफ के एक काफिले पर हुए आतंकवादी हमले के बारे में उसे कोई सटीक खुफिया जानकारी नहीं थी। हमले के बाद घटनास्थल का दौरा करने वाले बीएसएफ प्रमुख देवेंद्र क़े पाठक ने कहा कि जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग इलाका तुलनात्मक रूप से सुरक्षित है तथा यहां पिछले दो दशक में इस तरह के हमले नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि बीएसफ के जवानों को ले जा रही बस में हथियार लिए सुरक्षाकर्मी रॉकी (25) ने बड़ी बहादुरी से जवाबी गोलीबारी की और आतंकवादियों को बस में घुसने से रोका तथा दूसरे जवानों की जान बचाई। बस में सवार अन्य जवानों के पास हथियार नहीं थे।
बीएसएफ के महानिदेशक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमले के बारे में संकेत की कोई सटीक खुफिया जानकारी नहीं थी। इस इलाके में करीब 20 वर्षों से कोई घटना नहीं हुई थी लेकिन इसका यह मतलब नहीं होता कि भविष्य में कुछ नहीं होगा। परंतु तुलनात्मक रूप से इस इलाके को सुरक्षित माना जाता है और हमने प्रभावी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने आतंकवादियों का मुकाबला करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले रॉकी की वीरता की सराहना की। रॉकी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने 44 निहत्थे बीएसएफ साथियों की जान बचाई।
पाठक ने कहा, अचानक हथियार लिए हुए एक आतंकवादी सड़क के बीच आ गया और बस पर गोलीबारी करने लगा तथा बस को रोकने का संकेत देने लगा। ड्राइवर को सबसे पहले गोली लगी और बस नीचे की ओर जाने लगी। इसी दौरान आतंकवाद बस की ओर आ गया और टायर में गोली मार दी। इसके बाद आतंकवादी बस में घुसने और बस का दरवाजा खोलने का प्रयास करने लगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या आतंकवादी बस में घुस गया था तो पाठक ने कहा कि अगर ऐसा होता तो बहुत सारे लोग हताहत होते। बीएसएफ के महानिदेशक ने कहा कि रॉकी ने एक आतंकवादी को रोक दिया और दूसरे को मौके से भागने को मजबूर कर दिया। दूसरा आतंकवादी उंचाई पर था और अपने साथी की मदद के लिए गोलीबारी कर रहा था। उन्होंने कहा, आतंकवादी एक हाथ से गोलीबारी कर रहा था और दूसरे हाथ में ग्रेनेड लिए हुए था। अगर वह ग्रेनेड बस के भीतर फेंक देता तो बहुत लोग हताहत हो जाते।
पाठक ने कहा कि वह अभी इस हमले और 27 जुलाई के गुरदासपुर के हमले के बीच समानता होने के निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने इस दावे को भी खारिज किया कि सुरक्षा बल की ओर से मानक परिचालक प्रक्रिया का कोई उल्लंघन हुआ है।
बीएसएफ प्रमुख ने कहा कि गुरदासपुर और उधमपुर की दो हालिया घटनाओं से तार्किक रूप से यह स्पष्ट हो गया है कि आतंकवादी सीमा पार से आते हैं। पाठक ने कहा कि आतंकवादियों द्वारा अपनाई गई तरकीब अथवा तरीके को लेकर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कहा कि यह जांच एजेंसियों और पुलिस के अधिकार क्षेत्र की बात है। घटना पर संसद में दिए बयान में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रॉकी और कांस्टेबल शुभेंदु ने सिर्फ आतंकवादियों को नाकाम किया, बल्कि आखिर तक लड़ते रहे।
माहिरा खान ने नवाजुद्दीन के साथ इंटिमेट सीन करने से किया इंकार
नई दिल्ली(6 अगस्त): सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ फिल्म 'रईस' से बिग चांस पाने वाली पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान ने हाल ही में एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दकी के साथ एक इंटिमेट सीन करने से मना कर दिया है। फिल्म बदलापुर, किक, बजरंगी भाईजान जैसी हिट फिल्मों में अपना दमदार अभिनय दिखाकर नवाज ने बॉलिवुड में अपनी एक अलग ही पहचान भले ही बना ली हो। मगर, उनके साथ माहिरा ने लव-मेकिंग सीन के लिए साफ मना कर दिया है।
एक वेबसाइट की खबर के मुताबिक, फिल्म की स्क्रिप्ट की डिमांड पर महिरा को नवाज के साथ एक इंटिमेट सीन शूट करना था। जिसमें नवाज़ उनपर हावी होते। लेकिन, खबरो की माने तो माहिरा को सीन ठीक नहीं लगा और उन्होंने शूटिंग के समय सीन करने से मना कर दिया।
आपको बता दे कि, महिरा से पहले पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान ने भी ऑनस्क्रिन पर लव-मेकिंग और इंटिमेट सीन करने के लिए मना कर चुके हैं।
गौरतलब है कि शाहरुख खान, नवाजुद्दीन और माहिरा खान स्टारर यह फिल्म अगले साल ईद के मौके पर रिलीज़ होगी।
प्रेमकिशोर बने प्रदेश संगठन मंत्री
बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक देवकृष्ण शर्मा, अध्यक्ष डा. जेपी मिश्र, महामंत्री बृजेश कुमार शर्मा ने अमर ¨सह इंटर कालेज लखावटी के प्रधानाचार्य प्रेमकिशोर शर्मा को संगठन मंत्री के पद पर नामित किया है। प्रदेश संगठन मंत्री बनने पर प्रधानाचार्य परिषद के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों ने प्रेमकिशोर शर्मा को बधाई दी है। प्रदेश संगठन ने उन्हें यह जिम्मेदारी जिला, मंडल एवं प्रदेश संगठन को मजबूत बनाने के लिए दी है।
















