Wednesday, 24 June 2015
फेसबुक पर PM मोदी की विवादित फोटो पोस्ट करने वाला गिरफ्तार
बिलासपुर (24 जून): छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के सारंगढ की बीजेपी विधायक के नाम पर फेसबुक में फर्जी एकाउंट बनाने वाले युवक को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। अनुविभागीय पुलिस अधिकारी सत्येंद्र पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि सारंगढ के युवक राजेंद्र देवांगन (22) को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है।
पांडेय ने बताया कि विधायक केरा बाई मनहर ने 19 सितम्बर 2014 को सारंगढ थाने में शिकायत दर्ज करायी थी। शिकायत में बताया गया था कि किसी ने उनके नाम पर फेसबुक में फर्जी एकाउंट बनाया है और उस पर अश्लील फोटो रोजाना अपलोड कर रहा है। इसी एकाउंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विवादित फोटो भी पोस्ट की गई थी।
रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने क्राइम ब्रांच की विशेष टीम को जांच का जिम्मा सौंपा था। राजधानी रायपुर के साइबर सेल ने राजस्थान के जयपुर के विशेष सेल की मदद से मामला सुलझा लिया।
शिक्षिका की हत्या में सामने आया अवैध संबंधों का कनेक्शन
मेरठ के एनएस इंटर कॉलेज में हिंदी प्रवक्ता के पद पर तैनात शिक्षिका मां की सौतेले बेटे द्वारा गोली मारकर हत्या करने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। हत्या के पीछे पहले पुलिस संम्पत्ति विवाद और आपसी रंजिश का मामला मान रही थी। लेकिन अब मामले में पीछे नया मोड़ सामने आया है जो हैरान करने वाला है।
14 मई की सुबह कॉलेज गेट के निकट स्थित साइकिल स्टैंड के पास सौतेले बेटे ने शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सरेराह महिला की हत्या से सनसनी फैल गई थी। वहीं हत्यारोपी पिस्टल लहराता हुआ फरार हो गया था।
शिक्षिका के पति ने श्रीचंद ने अपनी पूर्व पत्नी के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित शिवाजी रोड निवासी श्रीचंद्र चौहान की पत्नी कौशल रानी चौहान (54) एनएएस इंटर कॉलेज में हिंदी की प्रवक्ता थीं।
वह कौशल श्रीचंद्र चौहान की दूसरी पत्नी थीं। श्रीचंद्र की पहली शादी ग्राम ड्योडी, बागपत निवासी अंगूरी से हुई थी। अंगूरी से एक बेटा अरुण (44) और बेटी अरुणिमा हैं। श्रीचंद्र ने घरेलू विवाद के कारण 1982 में अंगूरी देवी को तलाक देकर कौशल रानी से शादी की थी। कौशल रानी से श्रीचंद्र चौहान को तीन बच्चे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने खुलासा किया है कि शिक्षिका की हत्या के पीछे 'अवैध संबंध' था।टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, आरोपी बेटा अरुण जब 19 साल का था तब से ही श्रीचंद और उसकी दूसरी पत्नी की हत्या के फिराक में था। आज से करीब 40 साल पहले संजय गांधी ने एक बड़ा नसबंदी अभियान चलाया था जिसमें टीचर श्रीचंद की भी जबरन नसबंदी कर दी गई थी।
1976 में नसबंदी होने के बाद टीचर श्रीचंद की पत्नी अंगूरी देवी ने कुछ साल बाद एक बेटे को जन्म दिया। इस घटना से परेशान श्रीचंद ने गुपचुप तरीके से यह जांच कराया कि बच्चा उसका है या किसी और का। जांच में पता चला कि बच्चा श्रीचंद से नहीं हुआ था। इसके बाद उसने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया।
अंगूरी देवी को तलाक देने के बाद श्रीचंद ने अपनी सहयोगी टीचर कौशल से दूसरी शादी कर ली। खास बात यह है कि अंगूरी देवी का पड़ोस के ही एक शख्स से चक्कर चल रहा और उसी से बच्चे का जन्म हुआ था।इधर अंगूरी देवी से अवैध संबंधों से पैदा हुआ बच्चा बड़ा हुआ तो अपने पिता से मां को तलाक देने के बदले जान से मारने की ठानी। आरोपी बेटा अरुण 1992 में जब 19 साल का था तब पहली बार अपने पिता श्रीचंद पर जानलेवा हमला किया था। लेकिन इस हमले को श्रीचंद ने लड़कपन समझ उसके खिलाफ यह सोच कर रिपोर्ट नहीं लिखाई थी कि वह अभी छोटा है और उससे गलती से ऐसा हुआ होगा।
इसके तीन साल बाद सन 1995 में अरुण ने अपनी सौतेली मां और पिता पर फिर फायरिंग की जिसमें श्रीचंद को कुछ छर्रे लगे थे। इस हमले में श्रीचंद ने अरुण के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई लेकिन मामला जब कोर्ट में पहुंचा तो श्रीचंद को फिर दया आ गई और उसने अदालत में अरुण के खिलाफ दिए अपने बयान बदल लिए जिससे अरुण जेल से बाहर आ गया था।
इसके बाद अरुण ने 2008 में फिर दो-तीन बार जानलेवा हमला किया था लेकिन कौशल और श्रीचंद इन हमलों में बच गए थे। लेकिन इस बार 14 मई 2015 में जिस तरह से उसने हमला किया उसमें शिक्षिका कौशल की मौत हो गई और श्रीचंद भी मरने से बचे।बृहस्पतिवार सुबह लगभग 7:45 बजे कौशल रानी चौहान रोजाना की तरह घर से पैदल ही कॉलेज जा रही थीं। कॉलेज के साइकिल स्टैंड गेट के पास अरुण ने उन्हें देकर रोका और बिना कुछ कहे गोली चला दी थी। कौशल रानी डर के मारे पीछे हट गईं, जिससे पहली गोली खाली चली गई।
इसके बाद अरुण ने दोबारा पिस्टल लोड की और कनपटी से सटाकर कौशल को गोली मार कर दी थी। इससे वह गिर गई थीं। इसके बाद अरुण हवा में पिस्टल लहराते हुए फरार हो गया था। अरुण के हाथ में पिस्टल होने के कारण किसी ने उसका पीछा करने की हिम्मत नहीं की थी।
फैल गई सनसनी, मचा हड़कंप
स्कूल के बाहर गोली चलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शिक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि स्कूल में प्रार्थना शुरू होने वाली थी। कौशल रानी ही हर दिन राष्ट्रगान कराती थीं। बाहर गोली चलने पर एक बच्चा अंदर आया और राष्ट्रगान रोकते हुए बताया कि एक युवक ने कौशल रानी को गोली मारी दी है।
यह सुनकर प्रिंसिपल आभा शर्मा समेत सभी शिक्षक बाहर आए तो देखा कि कौशल जमीन पर पड़ी हैं। दीपक ने बताया कि आनन-फानन में उन्हें जसवंत राय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
14 मई की सुबह कॉलेज गेट के निकट स्थित साइकिल स्टैंड के पास सौतेले बेटे ने शिक्षिका की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सरेराह महिला की हत्या से सनसनी फैल गई थी। वहीं हत्यारोपी पिस्टल लहराता हुआ फरार हो गया था।
शिक्षिका के पति ने श्रीचंद ने अपनी पूर्व पत्नी के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित शिवाजी रोड निवासी श्रीचंद्र चौहान की पत्नी कौशल रानी चौहान (54) एनएएस इंटर कॉलेज में हिंदी की प्रवक्ता थीं।
वह कौशल श्रीचंद्र चौहान की दूसरी पत्नी थीं। श्रीचंद्र की पहली शादी ग्राम ड्योडी, बागपत निवासी अंगूरी से हुई थी। अंगूरी से एक बेटा अरुण (44) और बेटी अरुणिमा हैं। श्रीचंद्र ने घरेलू विवाद के कारण 1982 में अंगूरी देवी को तलाक देकर कौशल रानी से शादी की थी। कौशल रानी से श्रीचंद्र चौहान को तीन बच्चे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने खुलासा किया है कि शिक्षिका की हत्या के पीछे 'अवैध संबंध' था।टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, आरोपी बेटा अरुण जब 19 साल का था तब से ही श्रीचंद और उसकी दूसरी पत्नी की हत्या के फिराक में था। आज से करीब 40 साल पहले संजय गांधी ने एक बड़ा नसबंदी अभियान चलाया था जिसमें टीचर श्रीचंद की भी जबरन नसबंदी कर दी गई थी।
1976 में नसबंदी होने के बाद टीचर श्रीचंद की पत्नी अंगूरी देवी ने कुछ साल बाद एक बेटे को जन्म दिया। इस घटना से परेशान श्रीचंद ने गुपचुप तरीके से यह जांच कराया कि बच्चा उसका है या किसी और का। जांच में पता चला कि बच्चा श्रीचंद से नहीं हुआ था। इसके बाद उसने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया।
अंगूरी देवी को तलाक देने के बाद श्रीचंद ने अपनी सहयोगी टीचर कौशल से दूसरी शादी कर ली। खास बात यह है कि अंगूरी देवी का पड़ोस के ही एक शख्स से चक्कर चल रहा और उसी से बच्चे का जन्म हुआ था।इधर अंगूरी देवी से अवैध संबंधों से पैदा हुआ बच्चा बड़ा हुआ तो अपने पिता से मां को तलाक देने के बदले जान से मारने की ठानी। आरोपी बेटा अरुण 1992 में जब 19 साल का था तब पहली बार अपने पिता श्रीचंद पर जानलेवा हमला किया था। लेकिन इस हमले को श्रीचंद ने लड़कपन समझ उसके खिलाफ यह सोच कर रिपोर्ट नहीं लिखाई थी कि वह अभी छोटा है और उससे गलती से ऐसा हुआ होगा।
इसके तीन साल बाद सन 1995 में अरुण ने अपनी सौतेली मां और पिता पर फिर फायरिंग की जिसमें श्रीचंद को कुछ छर्रे लगे थे। इस हमले में श्रीचंद ने अरुण के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई लेकिन मामला जब कोर्ट में पहुंचा तो श्रीचंद को फिर दया आ गई और उसने अदालत में अरुण के खिलाफ दिए अपने बयान बदल लिए जिससे अरुण जेल से बाहर आ गया था।
इसके बाद अरुण ने 2008 में फिर दो-तीन बार जानलेवा हमला किया था लेकिन कौशल और श्रीचंद इन हमलों में बच गए थे। लेकिन इस बार 14 मई 2015 में जिस तरह से उसने हमला किया उसमें शिक्षिका कौशल की मौत हो गई और श्रीचंद भी मरने से बचे।बृहस्पतिवार सुबह लगभग 7:45 बजे कौशल रानी चौहान रोजाना की तरह घर से पैदल ही कॉलेज जा रही थीं। कॉलेज के साइकिल स्टैंड गेट के पास अरुण ने उन्हें देकर रोका और बिना कुछ कहे गोली चला दी थी। कौशल रानी डर के मारे पीछे हट गईं, जिससे पहली गोली खाली चली गई।
इसके बाद अरुण ने दोबारा पिस्टल लोड की और कनपटी से सटाकर कौशल को गोली मार कर दी थी। इससे वह गिर गई थीं। इसके बाद अरुण हवा में पिस्टल लहराते हुए फरार हो गया था। अरुण के हाथ में पिस्टल होने के कारण किसी ने उसका पीछा करने की हिम्मत नहीं की थी।
फैल गई सनसनी, मचा हड़कंप
स्कूल के बाहर गोली चलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शिक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि स्कूल में प्रार्थना शुरू होने वाली थी। कौशल रानी ही हर दिन राष्ट्रगान कराती थीं। बाहर गोली चलने पर एक बच्चा अंदर आया और राष्ट्रगान रोकते हुए बताया कि एक युवक ने कौशल रानी को गोली मारी दी है।
यह सुनकर प्रिंसिपल आभा शर्मा समेत सभी शिक्षक बाहर आए तो देखा कि कौशल जमीन पर पड़ी हैं। दीपक ने बताया कि आनन-फानन में उन्हें जसवंत राय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
फेसबुक से रेस्क्यू ऑपरेशन, बचाई युवती की जिंदगी
हैदराबाद। मां-बाप अपनी बेटी की इच्छा के खिलाफ जाकर उसकी शादी करना चाहते थे। अपनी मनमर्जी थोपने के लिए उन्होंने बेटी को कमरे में कैद कर दिया था। 24 वर्षीय युवती ने पुलिस से मदद मांगी तो सलाह मिली, 'जैसा मां-बाप कह रहे हैं, वैसा कर लो'। इसके बाद उसने फेसबुक से मदद ली। सोशल मीडिया से जुड़े भले लोग आगे आए और युवती की जिंदगी बच गई।
यह कहानी हैदराबाद की एक युवती की है। खुद को असहाय पाकर उसने सोशल मीडिया का रुख किया। स्प्रेड द वर्ल्ड नामक फेसबुक ग्रुप पर आपबीती बताई। लोगों ने तुरंत उसके संपर्क किया। कुछ ने उसके मोबाइल में बैलेंस डलवाया।
युवती की मदद करने वाली एक महिला ने लिखा है, जब हमने उससे बात की तो पता चला कि परिवार 38 साल के अधेड़ से उसकी शादी करवाना चाहता था। लड़की का भाई और पिता खासतौर पर उस पर दबाव डाल रहे थे।
यूं चला रेस्क्यू ऑपरेशन
फेसबुक के जरिए साथ आईं महिलाओं ने युवती को छुड़ाने का अभियान शुरू किया। वे उसके घर गईं और खुद को स्कूल में उसका साथी बताया। कुछ देर के लिए स्कूल ले जाने के बहाने उसे बाहर लाया गया। युवती ने बाहर आकर धारा 506 और 341 के तहत केस दर्ज कर लिया।
युवती ने अपनी पहचान उजागर करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद उसके फेसबुक पेज से तमाम विवरण हटा दिया गया।
- See more at: http://naidunia.jagran.com/national-woman-rescued-thanks-to-facebook-396511?src=jfb#sthash.nHwrgRvF.dpufगडकरी के हेलीकॉप्टर पर आ गिरा कॉरपेट, हादसा होते-होते बचा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आज एक हादसे में बाल-बाल बच गये। गडकरी पश्चिम बंगाल के पूर्व मिदनापुर में एक सभा को संबोधित करने आ रहे थे, लेकिन जैसे ही उनका हेलीकॉप्टर लैंड करने की तैयारी में था, नीचे बिछी कालीन और चटाईयां उड़ने लगीं।
हेलीकॉप्टर उसी जगह पर उतरा जहां उसे उतरना चाहिए था, लेकिन कालीन और चटाइयों के उड़ने से खतरा पैदा हो गया। बताया जा रहा है कि यदि कालीनें उड़ कर हेलीकॉप्टर के पंखों से टकरा जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन पायलट की सूझ बूझ से कोई भी हादसा होने से बच गया।
हादसे के कुछ देर बाद गडकरी ने अपने शुभचिंतकों को ट्वीट के जरिए धन्यवाद दिया। हादसे के बाद पूर्व मिदनापुर के विधायक बादशाह आलम नितिन गडकरी के करीब जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें पुलिस ने वहीं रोक लिया। जिसके बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों को धमकाया भी.
हेलीकॉप्टर उसी जगह पर उतरा जहां उसे उतरना चाहिए था, लेकिन कालीन और चटाइयों के उड़ने से खतरा पैदा हो गया। बताया जा रहा है कि यदि कालीनें उड़ कर हेलीकॉप्टर के पंखों से टकरा जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन पायलट की सूझ बूझ से कोई भी हादसा होने से बच गया।
हादसे के कुछ देर बाद गडकरी ने अपने शुभचिंतकों को ट्वीट के जरिए धन्यवाद दिया। हादसे के बाद पूर्व मिदनापुर के विधायक बादशाह आलम नितिन गडकरी के करीब जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें पुलिस ने वहीं रोक लिया। जिसके बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों को धमकाया भी.
भारतीय शांति सैनिकों पर लग रहे हैं यौन शोषण के आरोप
संयुक्त राष्ट्र के शांतिदूतों शामिल भारतीय सेना के जवानों पर 2010 से 2013 के बीच दुष्कर्म के तीन मामलों की पुष्टि हुई है। यह आरोप तब सामने आया जब 2008 में कांगो गणराज्य में 10 जवानों के सेक्स कांड में शामिल होने की पुष्टि हुई थी जो यूएन आचार संहिता का उल्लंघन है।
कुछ सैनिकों पर यह भी आरोप है कि वे शादी शुदा भी हैं। वहीं इस मामले पर सेना के एक अधिकारी का कहना है कि ऐसे सेना के जवानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो विदेशी सरजमीं पर जाकर सेना की बेइज्जती कराते हैं।
सेना इस बात की भी तैयारी कर रही है कि ऐसे नियमों के उल्लंघन के लिए कड़े से कड़े कानून बनाए जाएं। संयुक्त राष्ट्र के 16 अभियानों में 1 लाख 25 हजार सैनिक,पुलिस और स्थानीय नागरिक तैनात हैं।जो संघर्ष अथवा युद्धग्रस्त इलाकों में हिंसा को कम करने में मदद करते हैं और शांति स्थापित करते हैं। संयुक्त राष्ट्र की सेना में 72,00 भारतीय सैनिक विभिन्न 9 मिशन में तैनात है जो कॉंगो, दक्षिणी सूडान, और लेबनॉन में शामिल है।
बीते कुछ सालों में संयुक्त राष्ट्र के शांतिदूतों को यौन शोषण के कई मामलों का सामना करना पड़ा है। ये मामले खास तौर से उन क्षेत्रों में सामने आ रही हैं जो आर्थिक रुप से बहुत ही कमजोर हैं।
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ो के मुताबिक पिछले पांच सालों में 265 शांतिदूतों पर यौन शोषण के आरोप लग चुके हैं। 2003 में यूएन द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में ट्रांजेक्शनल सेक्स को बैन कर दिया गया था क्योंकि यह यूएन की साख गिरा सकता था।भारतीय सेना ने ऐसे मामलों की जांच करने के लिए कुछ कदम उठाएं हैं। उदाहरण के लिए उन लोगों की जासूसी कराई जाएगी जो कांगो गोमा क्षेत्र में कार्यरत हैं।
इन मामलों में कमी लाने के लिए नाइट क्लब, बार, रेड लाइट इलाकों में छापे मारी की जाती है। उन सैनिकों पर खास तौर से नजर रखी जाती है जिनकी ड्यूटी के खत्म होने में केवल 2 महीने बचे होते हैं क्योंकि अधिकतर मामले इसी समय में सामने आते हैं।
कुछ सैनिकों पर यह भी आरोप है कि वे शादी शुदा भी हैं। वहीं इस मामले पर सेना के एक अधिकारी का कहना है कि ऐसे सेना के जवानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो विदेशी सरजमीं पर जाकर सेना की बेइज्जती कराते हैं।
सेना इस बात की भी तैयारी कर रही है कि ऐसे नियमों के उल्लंघन के लिए कड़े से कड़े कानून बनाए जाएं। संयुक्त राष्ट्र के 16 अभियानों में 1 लाख 25 हजार सैनिक,पुलिस और स्थानीय नागरिक तैनात हैं।जो संघर्ष अथवा युद्धग्रस्त इलाकों में हिंसा को कम करने में मदद करते हैं और शांति स्थापित करते हैं। संयुक्त राष्ट्र की सेना में 72,00 भारतीय सैनिक विभिन्न 9 मिशन में तैनात है जो कॉंगो, दक्षिणी सूडान, और लेबनॉन में शामिल है।
बीते कुछ सालों में संयुक्त राष्ट्र के शांतिदूतों को यौन शोषण के कई मामलों का सामना करना पड़ा है। ये मामले खास तौर से उन क्षेत्रों में सामने आ रही हैं जो आर्थिक रुप से बहुत ही कमजोर हैं।
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ो के मुताबिक पिछले पांच सालों में 265 शांतिदूतों पर यौन शोषण के आरोप लग चुके हैं। 2003 में यूएन द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में ट्रांजेक्शनल सेक्स को बैन कर दिया गया था क्योंकि यह यूएन की साख गिरा सकता था।भारतीय सेना ने ऐसे मामलों की जांच करने के लिए कुछ कदम उठाएं हैं। उदाहरण के लिए उन लोगों की जासूसी कराई जाएगी जो कांगो गोमा क्षेत्र में कार्यरत हैं।
इन मामलों में कमी लाने के लिए नाइट क्लब, बार, रेड लाइट इलाकों में छापे मारी की जाती है। उन सैनिकों पर खास तौर से नजर रखी जाती है जिनकी ड्यूटी के खत्म होने में केवल 2 महीने बचे होते हैं क्योंकि अधिकतर मामले इसी समय में सामने आते हैं।
क्यों छोड़ना पड़ा रणवीर सिंह को पेरेंट्स का घर?
मुंबई (24 जून) : बॉलिवुड अभिनेता रणवीर सिंह का अपने काम के लिए समर्पण में जवाब नहीं। रणवीर ने बांद्रा स्थित अपने पेरेंट्स का घर छोड़कर गोरेगांव में नया घर खरीद लिया है।
रणवीर को ये सब निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजीराव मस्तानी की वजह से करना पड़ा है। रणवीर के कंधे की सर्जरी 4 अप्रैल को हुई थी। डॉक्टर ने उन्हें धीरे चलने और एक्शन सीन्स नहीं करने की सलाह दी है।
रणवीर का पारिवारिक घर बांद्रा में है। यहां से गोरेगांव फिल्म सिटी की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। लेकिन ट्रैफिक और बारिश की वजह से यह दूरी तय करने में उन्हें करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है। इसलिए उन्होंने गोरेगांव में ही घर ले लिया, जहां से फिल्म सिटी की दूरी महज 5 मिनट की है।
‘बाजीराव मस्तानी’ में रणवीर के साथ दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा लीड भूमिकाओं में हैं। फिल्म अगले साल रिलीज होगी। रणवीर ने नया घर लेने की पुष्टि की है।
स्मृति ईरानी के ख़िलाफ़ याचिका कोर्ट ने स्वीकार की, 28 अगस्त को अगली सुनवाई
प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली (24 जून): केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनकी डिग्री को लेकर दायर की गई एक याचिका की सुनवाई करते हुये पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा कि मामला सुनवाई के लायक है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुये अगली सुनवाई की तारीख 28 अगस्ता तय की है।
कोर्ट ने आज साफ सहा कि अगली सुनवाई पर शिकायत करता पहले स्मृति पर लगाए गये आरोपों को साबित करे। कोर्ट का यह फैसला स्मृति की बढ़ी मुश्किलों के तौर पर देखा जा रहा है।
स्मृति ईरानी पर कोर्ट का फैसला
दिल्ली की पटियाला हाऊस कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ डिग्री मामले को लेकर दायर की गई याचिका की गई है। कोर्ट ने एक जून को मामले में दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था। आज यह तय होना था कि स्मृति के खिलाफ मामला चलाया जा सकता है या नहीं।
शिकायत स्वतंत्र लेखक अहमर खान ने दायर की थी और आरोप लगाया था कि स्मृति ने लोकसभा और राज्यसभा के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय चुनाव आयोग के समक्ष तीन हलफनामे पेश किए थे, जिनमे उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में अलग-अलग ब्योरा दिया है।
विरोधीभासी दावों से घिरी स्मृति ईरानी
शिकायत स्वतंत्र लेखक अहमर खान की ओर से उपस्थित होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता केके मनन ने अदालत को बताया कि अप्रैल 2004 में लोकसभा चुनाव के लिए अपने हलफनामे में कहा था कि उन्होंने 1996 में दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्राचार शिक्षा द्वारा बीए किया, जबकि 11 जुलाई 2011 को गुजरात से राज्यसभा चुनाव के लिए एक अन्य हलफनामे में उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता डीयू के पत्राचार स्कूल से बीकॉम पार्ट वन है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 16 अप्रैल 2014 को उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन के संबंध में अपने हलफनामे में स्मृति ईरानी ने कहा था कि उन्होंने डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से बैचलर ऑफ कॉमर्स पार्ट 1 पूरा किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि स्मृति ईरानी द्वारा पेश हलफनामे की विषयवस्तु से स्पष्ट है कि उनकी ओर से शैक्षणिक योग्यता के बारे में केवल एक शपथ ही सही है।
संपत्ति दावों पर भी मतभेद जारी
शिकायत में दावा किया गया है, स्मृति ईरानी के उक्त हलफनामों में अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत और अलग-अलग बयान दिया, ऐसा प्रतीत होता है कि अपने स्वामित्व की अचल संपत्ति एवं अन्य ब्यौरे के बारे में गलत या अलग बयान दिया।
याचिका में आरोप लगाया गया है, तथ्य और परिस्थितियां आरोपी की ओर से जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125ए के तहत अपराध की बात स्पष्ट करती है, साथ ही अतिरिक्त जांच के परिणामस्वरूप अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत अपराध हो सकता है।


















