अभियान में आरएसएस के वालंटियर भी शामिल रहेंगे और इसके खत्म होने के बाद अपनी रिपोर्ट बीजेपी हाईकमान को भेजेंगे. अगर जनसंपर्क अभियान का रिजल्ट अच्छा रहा तो आने वाले विधानसभा चुनावों की पूरी जिम्मेदारी सिद्धू को दी जा सकती है.
सूत्रों के मुताबिक, अगले साल जनवरी में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म हो रहा, जिसे अब पार्टी हाईकमान किसी नए चेहरे को देना चाह रहा है. आरएसएस का मानना है कि सिद्धू भले ही सिख हैं लेकिन हिंदू मान्यताओं को भी अपनाते हैं.


















