लोकसभा चुनाव के बाद से सक्रिय राजनीति से दूर पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को बीजेपी एक बार फिर से बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना रही है. लोकसभा चुनाव में सिद्धू को बीजेपी ने अमृतसर से टिकट नहीं दिया था.
सूत्रों के मुताबिक, तीन बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले पार्टी के सिख चेहरे को बीजेपी हाईकमान बड़ी जिम्मेदारी देने के बारे में सोच रही है. पार्टी से जुड़े एक सूत्र ने बताया, 'पंजाब में ग्रामीण इलाकों में वोटरों से संपर्क अभियान शुरू करने पर विचार किया जा रहा है. यह अभियान बिना किसी शेड्यूल के चलाया जाएगा और इसके तहत सिद्धू करीब 6 महीने तक राज्य के ग्रामीण इलाकों का दौरा करेंगे.'
आरएसएस के वालंटियर देंगे रिपोर्ट
अभियान में आरएसएस के वालंटियर भी शामिल रहेंगे और इसके खत्म होने के बाद अपनी रिपोर्ट बीजेपी हाईकमान को भेजेंगे. अगर जनसंपर्क अभियान का रिजल्ट अच्छा रहा तो आने वाले विधानसभा चुनावों की पूरी जिम्मेदारी सिद्धू को दी जा सकती है.
अभियान में आरएसएस के वालंटियर भी शामिल रहेंगे और इसके खत्म होने के बाद अपनी रिपोर्ट बीजेपी हाईकमान को भेजेंगे. अगर जनसंपर्क अभियान का रिजल्ट अच्छा रहा तो आने वाले विधानसभा चुनावों की पूरी जिम्मेदारी सिद्धू को दी जा सकती है.
अध्यक्ष पद के लिए नया चेहरा
सूत्रों के मुताबिक, अगले साल जनवरी में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म हो रहा, जिसे अब पार्टी हाईकमान किसी नए चेहरे को देना चाह रहा है. आरएसएस का मानना है कि सिद्धू भले ही सिख हैं लेकिन हिंदू मान्यताओं को भी अपनाते हैं.
सूत्रों के मुताबिक, अगले साल जनवरी में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म हो रहा, जिसे अब पार्टी हाईकमान किसी नए चेहरे को देना चाह रहा है. आरएसएस का मानना है कि सिद्धू भले ही सिख हैं लेकिन हिंदू मान्यताओं को भी अपनाते हैं.
आरएसएस का यह भी अनुमान है कि सिद्धू 2017 में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी को जीत दिला सकते हैं. इससे पहले भी सिद्धू ने कई मौकों और चुनावों में अपनी काबिलियत साबित की है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि पार्टी विधानसभा चुनाव बिना किसी से गठबंधन किए लड़ सकती है.








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