Wednesday, 29 July 2015
अनंतनाग: सीआरपीएफ के काफिले पर हमला
श्रीनगर (29 जुलाई):बड़ी खबर आ रही है कश्मीर से, जहां अनंतनाग में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला हुआ है।
बताया जा रहा है कि केपी रोड पर महिला कॉलेज के पास हमला हुआ है, जिसमें सीआरपीएफ के दो जवान जख्मी हो गए हैं।
घटना की खबर के बाद पूरे इलाके के सील कर दिया गया है। पुलिस और सेना के जवान पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
रोहित शेट्टी ने वरुण और कृति को दी ये खास सलाह
नई दिल्ली(29 जुलाई): ज्यादातर हर अच्छी और बड़ी फिल्म का डायरेक्टर चाहता है की उसकी फिल्म की पूरी कास्ट बड़े पर्दे पर खूबसूरत नजर आए। मगर, इस सोच से बिल्कुल विपरीत डायरेक्टर रोहित शेट्टी चाहते है कि एक्टर वरुण धवन और एक्ट्रेस कृति सैनॉन बहुत ज्यादा मेकअप करने से बचें।
दरअसल, रोहित चाहते हैं फिल्म 'दिलवाले' में दोनो नैचरल लुक में नजर आए। वो नहीं चाहते हैं कि फिल्म के सेट पर वरुण और कृति अपने चेहरे पर मेकअप की मोटी-मोटी परतें चढ़ा लें।
खबर है की फिल्म की शूटिंग के दौरान एक बार कृति के चेहरे पर पिंपल निकल आया जिसकी वजह से कृति काफी परेशान हो गई थी। तब रोहित ने उन्हें सलाह दी कि इससे परेशान होकर मेकअप से ढकने की जरुरत नहीं है क्योंकि असल जिंदगी में भी लोगों को अक्सर इस प्रॉब्लम को फेस करना पड़ता है। रोहित का मानना है कि दोनो पर्दे पर बिल्कुल फ्रेश और नैचरल लुक में दिखें।
दरअसल, रोहित चाहते हैं फिल्म 'दिलवाले' में दोनो नैचरल लुक में नजर आए। वो नहीं चाहते हैं कि फिल्म के सेट पर वरुण और कृति अपने चेहरे पर मेकअप की मोटी-मोटी परतें चढ़ा लें।
खबर है की फिल्म की शूटिंग के दौरान एक बार कृति के चेहरे पर पिंपल निकल आया जिसकी वजह से कृति काफी परेशान हो गई थी। तब रोहित ने उन्हें सलाह दी कि इससे परेशान होकर मेकअप से ढकने की जरुरत नहीं है क्योंकि असल जिंदगी में भी लोगों को अक्सर इस प्रॉब्लम को फेस करना पड़ता है। रोहित का मानना है कि दोनो पर्दे पर बिल्कुल फ्रेश और नैचरल लुक में दिखें।
पाकिस्तान के 'बड़े' वैज्ञानिक ने कलाम पर दिया आपत्तिजनक बयान
नई दिल्ली (29 जुलाई): देश के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन दिवंगत एपीजे अब्दुल कलाम पर पाकिस्तान के वैज्ञानिक एक्यू खान ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है। एक्यू खान ने कलाम को एक मामूली वैज्ञानिक बताया। बता दें कि खान पाकिस्तान परमाणु अभियान के जनक माने जाते हैं।
एक चैनल को दिए इंटरव्यू में एक्यू खान ने कहा कि भारत का मिसाइल कार्यक्रम रूस की सहायता से विकसित किया गया था। उन्होंने कहा कि कलाम साहब सादगी पसंद व्यक्ति और एक मामूली वैज्ञानिक थे। खान ने यह तक कह दिया कि याद नहीं आता कि डॉक्टर अब्दुल कलाम ने कुछ बहुत बड़ा किया है।
यहां बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम का सोमवार को आईआईएम शिलॉन्ग में भाषण के दौरान हार्ट अटैक आने से निधन हो गया था।
Tuesday, 28 July 2015
मिसाइल मैन के आखिरी शब्द 'इस धरती को कैसे जीने लायक बनाया जाय'
नई दिल्ली : देश के पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइल मैन ने कल शाम इस दुनिया से अलविदा ले लिया, कलाम के जाने से इस दुनिया ने वह हीरा गवांया है जिसकी कभी भरपाई नहीं की जा सकती. पूरा देश इस शोक में डूबा है, कलाम ने अपने जीवन के आखिरी शब्दों से जाते-जाते एक आदर्श नागरिक के लिए सवाल छोड़ दिया है. सवाल ये कि, इस दुनिया को इस धरती को कैसे जीने लायक बनाया जाय?
एपीजे अब्दुल कलाम को अंतिम समय में सहारा देने वाले सृजनपाल सिंह ने बताया कि अपने अंतिम क्षणों में एपीजे अब्दुल कलाम ने क्या कहा?
Monday, 27 July 2015
भारत रत्न एपीजे अब्दुल कलाम का निधन
नई दिल्ली (27 जुलाई): पूर्व राष्ट्रपति और अब्दुल कलाम आजाद का निधन हो गया है। वह शिलांग में एक लेक्चर देने के लिए गए थे। 83 साल के कलाम की शिलांग में आईआईएम में लेक्चर देने गए थे लेकिन वहीं पर भाषण देने के दौरान वह बेहोश होकर गिर पड़े।
जानकारी के अनुसार, उन्हें वहां के ही एक अस्पताल में 7 बजे भर्ती कराया गया था। सूत्रों ने बताया कि उनकी ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन एकदम से कम हो गई थी जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया।
18 जुलाई, 2002 को डॉक्टर कलाम को नब्बे प्रतिशत बहुमत द्वारा 'भारत का राष्ट्रपति' चुना गया था और इन्हें 25 जुलाई 2002 को संसद भवन के अशोक कक्ष में राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई। इस संक्षिप्त समारोह में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य तथा अधिकारीगण उपस्थित थे। इनका कार्याकाल 25 जुलाई 2007 को समाप्त हुआ।
भारत के अब तक के सर्वाधिक लोकप्रिय व चहेते राष्ट्रपतियों में से एक डॉ. अबुल पाकिर जैनुलआब्दीन अब्दुल कलाम ने तमिलनाडु के एक छोटे से तटीय शहर रामेश्वरम में अखबार बेचने से लेकर भारत के राष्ट्रपति पद तक का लंबा सफर तय किया है। पूर्व राष्ट्रपति अवुल पकिर जैनुल्लाब्दीन अब्दुल कलाम को पूरा देश एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जानता था। वैज्ञानिक और इंजीनियर कलाम ने 2002 से 2007 तक 11वें राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा की। मिसाइल मैन के रूप में प्रसिद्ध कलाम देश की प्रगति और विकास से जुड़े विचारों से भरे व्यक्ति थे।
एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ। पेशे से नाविक कलाम के पिता ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। ये मछुआरों को नाव किराये पर दिया करते थे। पांच भाई और पांच बहनों वाले परिवार को चलाने के लिए पिता के पैसे कम पड़ जाते थे इसलिए शुरुआती शिक्षा जारी रखने के लिए कलाम को अखबार बेचने का काम भी करना पड़ा। आठ साल की उम्र से ही कलाम सुबह 4 बचे उठते थे और नहाकर गणित की पढ़ाई करने चले जाते थे। सुबह नहाकर जाने के पीछे कारण यह था कि प्रत्येक साल पांच बच्चों को मुफ्त में गणित पढ़ाने वाले उनके टीचर बिना नहाए आए बच्चों को नहीं पढ़ाते थे। ट्यूशन से आने के बाद वो नमाज पढ़ते और इसके बाद वो सुबह आठ बजे तक रामेश्वरम रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर न्यूज पेपर बांटते थे।
कलाम ‘एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी’ में आने के पीछे अपनी पांचवी क्लास के टीचर सुब्रह्मण्यम अय्यर को बताते थे। वो कहते हैं, ‘वो हमारे अच्छे टीचर्स में से थे। एक बार उन्होंने क्लास में पूछा कि चिड़िया कैसे उड़ती है? क्लास के किसी छात्र ने इसका उत्तर नहीं दिया तो अगले दिन वो सभी बच्चों को समुद्र के किनारे ले गए, वहां कई पक्षी उड़ रहे थे। कुछ समुद्र किनारे उतर रहे थे तो कुछ बैठे थे, वहां उन्होंने हमें पक्षी के उड़ने के पीछे के कारण को समझाया, साथ ही पक्षियों के शरीर की बनावट को भी विस्तार पूर्वक बताया जो उड़ने में सहायक होता है। उनके द्वारा समझाई गई ये बातें मेरे अंदर इस कदर समा गई कि मुझे हमेशा महसूस होने लगा कि मैं रामेश्वरम के समुद्र तट पर हूं और उस दिन की घटना ने मुझे जिंदगी का लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। बाद में मैंने तय किया कि उड़ान की दिशा में ही अपना करियर बनाऊं। मैंने बाद में फिजिक्स की पढ़ाई की और मद्रास इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की।’
1962 में कलाम इसरो में पहुंचे। इन्हीं के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहते भारत ने अपना पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 बनाया। 1980 में रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा के समीप स्थापित किया गया और भारत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब का सदस्य बन गया। कलाम ने इसके बाद स्वदेशी गाइडेड मिसाइल को डिजाइन किया। उन्होंने अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें भारतीय तकनीक से बनाईं। 1992 से 1999 तक कलाम रक्षा मंत्री के रक्षा सलाहकार भी रहे। इस दौरान वाजपेयी सरकार ने पोखरण में दूसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट भी किए और भारत परमाणु हथियार बनाने वाले देशों में शामिल हो गया। कलाम ने विजन 2020 दिया। इसके तहत कलाम ने भारत को विज्ञान के क्षेत्र में तरक्की के जरिए 2020 तक अत्याधुनिक करने की खास सोच दी गई। कलाम भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे।
1982 में कलाम को डीआरडीएल (डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट लेबोरेट्री) का डायरेक्टर बनाया गया। उसी दौरान अन्ना यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टर की उपाधि से सम्मानित किया। कलाम ने तब रक्षामंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. वीएस अरुणाचलम के साथ इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईजीएमडीपी) का प्रस्ताव तैयार किया। स्वदेशी मिसाइलों के विकास के लिए कलाम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई।
इसके पहले चरण में जमीन से जमीन पर मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल बनाने पर जोर था। दूसरे चरण में जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल, टैंकभेदी मिसाइल और रिएंट्री एक्सपेरिमेंट लॉन्च वेहिकल (रेक्स) बनाने का प्रस्ताव था। पृथ्वी, त्रिशूल, आकाश, नाग नाम के मिसाइल बनाए गए। कलाम ने अपने सपने रेक्स को अग्नि नाम दिया। सबसे पहले सितंबर 1985 में त्रिशूल फिर फरवरी 1988 में पृथ्वी और मई 1989 में अग्नि का परीक्षण किया गया। इसके बाद 1998 में रूस के साथ मिलकर भारत ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बनाने पर काम शुरू किया और ब्रह्मोस प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की गई। ब्रह्मोस को धरती, आसमान और समुद्र कहीं भी दागी जा सकती है। इस सफलता के साथ ही कलाम को मिसाइल मैन के रूप में प्रसिद्धि मिली और उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
कलाम को 1981 में भारत सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म भूषण और फिर, 1990 में पद्म विभूषण और 1997 में भारत रत्न प्रदान किया। भारत के सर्वोच्च पर पर नियुक्ति से पहले भारत रत्न पाने वाले कलाम देश के केवल तीसरे राष्ट्रपति हैं। उनसे पहले यह मुकाम सर्वपल्ली राधाकृष्णन और जाकिर हुसैन ने हासिल किया।
पत्नी के साथ उसके पैतृक गांव पहुंचे रैना, जुटी भीड़
बागपत (27 जुलाई): शादी के बाद टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी सुरेश रैना पहली बार अपनी पत्नी प्रियंका के साथ के साथ उसके पैतृक गांव बमनोली पहुंचे। यहां वह पत्नी के साथ गांव के नागेश्वर मंदिर में पूजा करेंगे।
बागपत के बमनोली गांव के लोगों ने क्रिकेटर दामाद का इस दौरान भव्य स्वागत किया। बागपत में बड़ौत के बमनोली गांव में सुरेश रैना की ससुराल है। विवाह के बाद पत्नी प्रियंका के साथ पहली बार ससुराल आ रहे सुरेश रैना अपनी ससुराल में पूजा-अर्चना भी करेंगे। बागपत के बामनौली गांव की परम्परा है कि दूल्हा-दुल्हन शादी के बाद गांव के नागेश्वर मंदिर में पूजा करने जाते हैं।
रैना भी ससुराल में पत्नी प्रियंका के साथ पूजा करने आये हैं। नागेश्वर मंदिर में पूजा करने के बाद सुरेश रैना पत्नी प्रियंका तथा उनके परिवार के लोगों के साथ ठाकुर द्वारा हनुमान मंदिर में भी पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद उनका कार्यक्रम प्रियंका के अन्य रिश्तेदारों के घर पर भी जाने का है। तीन अप्रैल बामनोली गांव की प्रियंका का विवाह गाजियाबाद के सुरेश रैना के साथ दिल्ली में हुआ था।
रैना भी ससुराल में पत्नी प्रियंका के साथ पूजा करने आये हैं। नागेश्वर मंदिर में पूजा करने के बाद सुरेश रैना पत्नी प्रियंका तथा उनके परिवार के लोगों के साथ ठाकुर द्वारा हनुमान मंदिर में भी पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद उनका कार्यक्रम प्रियंका के अन्य रिश्तेदारों के घर पर भी जाने का है। तीन अप्रैल बामनोली गांव की प्रियंका का विवाह गाजियाबाद के सुरेश रैना के साथ दिल्ली में हुआ था।
कपिल का शो देखने के लिए पहुंचे इतने लोग कि वो रह गए हैरान
नई दिल्ली। कपिल शर्मा सिर्फ अपने देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी काफी मशहूर हैं। कुछ दिनों पहले दुबई में किया गया उनका पहला शो काफी हिट रहा था। अब वो 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' की पूरी टीम के साथ यूएस-कनाडा के टूर पर निकले हैं और वहां भी उन्हें जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है कपिल शर्मा ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें लोगों की भीड़ देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। कपिल शर्मा ने कनाडा के एक शहर हैमिल्टन में आयोजित अपने शो की एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें एक थियेटर फुल पैक्ड दिख रहा है और लोगों को इतनी भीड़ देखकर कपिल शर्मा ने भी लिखा है कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है। ये रही उनकी तस्वीर और वो ट्वीट।एक ट्वीट में कपिल शर्मा ने इतना प्यार देने के लिए टाेरंटो का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने दर्शकों की भीड़ की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए ये भी लिखा है कि वो भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। ये रही वो तस्वीर। वाकई में कॉमेडी के मामले में कपिल शर्मा का कोई जवाब नहीं है। वो जल्द बॉलीवुड में भी एंट्री मारने वाले हैं।


















