उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने कर्मचारियों की जेब भरने के लिए जनता की जेब काटने की तैयारी शुरू कर दी है। परिवहन निगम इसके लिए एक पैसा प्रति किमी बस सफर महंगा करने जा रहा है।
संभावना है कि अगस्त से यात्रियों को बढ़ा किराया चुकाना पड़ेगा।परिवहन निगम ने कर्मियों को बाकी महंगाई भत्ते की सात फीसदी किस्त का भुगतान शुरू कर दिया है। इससे प्रति माह 2.32 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा है।
परिवहन निगम ने इसके लिए अगस्त से एक पैसा प्रति किमी साधारण एवं लग्जरी बस का किराया बढ़ाने का फैसला किया है। निदेशक मंडल से किराया बढ़ाने की मंजूरी लेने के लिए प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
निदेशक मंडल की 21 जुलाई को होने वाली बैठक में प्रस्ताव की मंजूरी के बाद राज्य परिवहन प्राधिकरण को भेजा जाएगा। राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में मंजूरी की मुहर लगने के बाद किराया लागू होगा।परिवहन निगम की बस अब छह के बजाय आठ साल में रिटायर होगी। निदेशक मंडल से बस की समय सीमा बढ़ाने का भी प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
मंजूरी मिली बस दो शर्तों पर रिटायर होगी। पहली बस आठ साल पुरानी हो गई हो और दूसरी उसने 10 लाख किमी की दूरी तय की हो। वर्तमान में बस 6 साल या 8 लाख किमी की दूरी पूरी करने पर रिटायर हो रही है।
परिवहन निगम ने कंपनियों से तैयार बस खरीदने का फैसला किया है। निदेशक मंडल के समक्ष इसका प्रस्ताव पेश होगा। प्रस्ताव पास होने पर निगम कंपनियों को ही चेसिस खरीदने और तैयार करने का ठेका देगा। वर्तमान में परिवहन निगम बस की चेसिस खरीद कर कंपनी को बनाने का ठेका देता है।
उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि परिवहन निगम को शासन ने साल में दो बार जनवरी एवं जुलाई में वेतन बढ़ोतरी से पड़ने वाले बोझ से निपटने के लिए किराया बढ़ाने का अधिकार दे रखा है।
जुलाई में एक पैसा प्रति किमी किराया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार हो रहा। इसके प्रभावी होने पर 100 किमी तक सफर करने वालों को एक रुपया अधिक किराया चुकाना पड़ेगा।
संभावना है कि अगस्त से यात्रियों को बढ़ा किराया चुकाना पड़ेगा।परिवहन निगम ने कर्मियों को बाकी महंगाई भत्ते की सात फीसदी किस्त का भुगतान शुरू कर दिया है। इससे प्रति माह 2.32 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा है।
परिवहन निगम ने इसके लिए अगस्त से एक पैसा प्रति किमी साधारण एवं लग्जरी बस का किराया बढ़ाने का फैसला किया है। निदेशक मंडल से किराया बढ़ाने की मंजूरी लेने के लिए प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
निदेशक मंडल की 21 जुलाई को होने वाली बैठक में प्रस्ताव की मंजूरी के बाद राज्य परिवहन प्राधिकरण को भेजा जाएगा। राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में मंजूरी की मुहर लगने के बाद किराया लागू होगा।परिवहन निगम की बस अब छह के बजाय आठ साल में रिटायर होगी। निदेशक मंडल से बस की समय सीमा बढ़ाने का भी प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
मंजूरी मिली बस दो शर्तों पर रिटायर होगी। पहली बस आठ साल पुरानी हो गई हो और दूसरी उसने 10 लाख किमी की दूरी तय की हो। वर्तमान में बस 6 साल या 8 लाख किमी की दूरी पूरी करने पर रिटायर हो रही है।
परिवहन निगम ने कंपनियों से तैयार बस खरीदने का फैसला किया है। निदेशक मंडल के समक्ष इसका प्रस्ताव पेश होगा। प्रस्ताव पास होने पर निगम कंपनियों को ही चेसिस खरीदने और तैयार करने का ठेका देगा। वर्तमान में परिवहन निगम बस की चेसिस खरीद कर कंपनी को बनाने का ठेका देता है।
उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि परिवहन निगम को शासन ने साल में दो बार जनवरी एवं जुलाई में वेतन बढ़ोतरी से पड़ने वाले बोझ से निपटने के लिए किराया बढ़ाने का अधिकार दे रखा है।
जुलाई में एक पैसा प्रति किमी किराया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार हो रहा। इसके प्रभावी होने पर 100 किमी तक सफर करने वालों को एक रुपया अधिक किराया चुकाना पड़ेगा।








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