एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक बेचने पर एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने मेसर्स हिंदुस्तान कोका कोला प्रा. लि. पर 15 लाख रुपये जुर्माना ठोका है। कोर्ट ने कंपनी एक्ट अधिनियम के तहत विक्रेता पर भी एक लाख का जुर्माना लगाया है।
यह कार्रवाई 2013 में शहर के राजेश कुमार शर्मा की एजेंसी पर की गई थी, जिसमें एक्सपायरी डेट के पांच नमूने प्रयोगशाला को भेजे गए थे। एजेंसी पर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक का स्टॉक मिला था।
पूछने पर एजेंसी संचालक राजेश ने बताया कि कंपनी को सूचित कर दिया गया है, लेकिन एक्सपायरी डेट के माल को नहीं उठाया गया। पांचों नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट भी अधोमानक (सब स्टैंडर्ड) निकली थी।फूड अफसर मामला कोर्ट में लेकर पहुंच गए। नोटिस जारी होने के काफी वक्त बाद भी कंपनी ने कोई अपील नहीं की। तमाम साक्ष्य और फूड अफसरों की रिपोर्ट को आधार मानकर न्याय निर्णायक अधिकारी विशाल सिंह ने कंपनी पर प्रति नमूना तीन लाख यानी पांच नमूनों के अधोमानक पाए जाने पर पर 15 लाख रुपये जुर्माना ठोका है। विक्रेता राजेश कुमार शर्मा पर भी 20-20 हजार के हिसाब से एक लाख जुर्माना लगाया गया है।
एडीएम के मुताबिक कंपनी पर 15 लाख और विक्रेता पर एक लाख जुर्माना लगाया गया है। फूड सेफ्टी अफसरों को आदेश तामील कराने को कह दिया है। कंपनी पर रियायत करने का मतलब है कि कंपनी को खुली छूट देकर आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ करवाना।
नमूना भरकर प्रयोगशाला नहीं भेजना खुर्जा के एफएसओ पर भारी पड़ सकता है। एडीएम प्रशासन ने एफएसओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि पहासू में एफएसओ ने नमूना तो भरा लेकिन प्रयोगशाला नहीं भेजा।
यह कार्रवाई 2013 में शहर के राजेश कुमार शर्मा की एजेंसी पर की गई थी, जिसमें एक्सपायरी डेट के पांच नमूने प्रयोगशाला को भेजे गए थे। एजेंसी पर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक का स्टॉक मिला था।
पूछने पर एजेंसी संचालक राजेश ने बताया कि कंपनी को सूचित कर दिया गया है, लेकिन एक्सपायरी डेट के माल को नहीं उठाया गया। पांचों नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट भी अधोमानक (सब स्टैंडर्ड) निकली थी।फूड अफसर मामला कोर्ट में लेकर पहुंच गए। नोटिस जारी होने के काफी वक्त बाद भी कंपनी ने कोई अपील नहीं की। तमाम साक्ष्य और फूड अफसरों की रिपोर्ट को आधार मानकर न्याय निर्णायक अधिकारी विशाल सिंह ने कंपनी पर प्रति नमूना तीन लाख यानी पांच नमूनों के अधोमानक पाए जाने पर पर 15 लाख रुपये जुर्माना ठोका है। विक्रेता राजेश कुमार शर्मा पर भी 20-20 हजार के हिसाब से एक लाख जुर्माना लगाया गया है।
एडीएम के मुताबिक कंपनी पर 15 लाख और विक्रेता पर एक लाख जुर्माना लगाया गया है। फूड सेफ्टी अफसरों को आदेश तामील कराने को कह दिया है। कंपनी पर रियायत करने का मतलब है कि कंपनी को खुली छूट देकर आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ करवाना।
नमूना भरकर प्रयोगशाला नहीं भेजना खुर्जा के एफएसओ पर भारी पड़ सकता है। एडीएम प्रशासन ने एफएसओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एडीएम प्रशासन ने बताया कि पहासू में एफएसओ ने नमूना तो भरा लेकिन प्रयोगशाला नहीं भेजा।








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