देहरादून में एक बेटे ने टीवी कार्यक्रम देखने के बाद ऐसी खौफनाक साजिश रची कि अपनी मां को ही मौत के घाट उतार दिया।
नशे में डूबा किशोर परिजनों से इस कदर खफा था कि वह सभी को जहर देकर मौत की नींद सुला देना चाहता था। संयोग ही रहा कि बाजार में उसे जहर नहीं मिला और परिवार के अन्य लोगों की जान बच गई।
देहरादून के नकरौंदा निवासी पूर्व फौजी के दसवीं में पढ़ने वाले बेटे ने पुलिस को बताया है कि वह पूरे परिवार को खत्म कर देना चाहता था। बताया कि एक टीवी कार्यक्रम को देखकर साजिश को अंजाम देने चला था। परिवार को खत्म करने के लिए किशोर ने अपने कुछ दोस्तों से मदद मांगी थी।
बदले में दोस्तों को मोटी रकम देने का लालच दिया था, लेकिन उसके इसके लिए दोस्त तैयार नहीं हुए। इसके बाद उसने खुद ही परिवार को खत्म करने की ठान ली। पुलिस को बताया कि वह परिवार के सभी सदस्यों को मारने के लिए बाजार से जहरीला पदार्थ लेने गया था, मगर वह नहीं मिला।
इसके बाद घर आया और मां की हथौड़ा मार कर हत्या कर दी। मामले में जब पुलिस ने पूछताछ की तो बाजार से अंडे और अन्य सामान लेने की बात बताकर बचने का प्रयास किया।देहरादून के नकरौंदा में 26 जून देर रात जल निगम के कर्मचारी की पत्नी के सिर में हथौड़ा मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस हत्या के कारणों को लेकर माथापच्ची में जुटी रही। वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
डोईवाला थाना क्षेत्र के नकरौंदा निवासी जल निगम में कर्मचारी जगदीश रावत रात में नाइट ड्यूटी करने के लिए पटेल नगर स्थित क्षेत्र में चले गए। रात में खाना खाने के बाद रावत की पत्नी सुनीता (45) टहलने के लिए चली गईं।
रात 10 बजे घर लौटने के बाद अपने बेटे लक्ष्मण (17) को सुबह के नाश्ते के लिए अंडे लाने के लिए दुकान भेज दिया। इस बीच घर में आए एक शख्स ने सुनीता के सिर पर हथौडे़ से हमला कर दिया। इससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी।
उसी दौरान अंडे लेने गया सुनीता का बेटा लक्ष्मण घर आ गया। घर में घुसते ही मां को खून से लथपथ देखकर बेटे ने शोर मचा दिया।
शोर सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने सुनीता को सीएमआई अस्पताल पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान सुनीता की मौत हो गई। हत्या की खबर मिलते ही एसपी सिटी अजय सिंह डोईवाला और रायपुर पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे।
नशे में डूबा किशोर परिजनों से इस कदर खफा था कि वह सभी को जहर देकर मौत की नींद सुला देना चाहता था। संयोग ही रहा कि बाजार में उसे जहर नहीं मिला और परिवार के अन्य लोगों की जान बच गई।
देहरादून के नकरौंदा निवासी पूर्व फौजी के दसवीं में पढ़ने वाले बेटे ने पुलिस को बताया है कि वह पूरे परिवार को खत्म कर देना चाहता था। बताया कि एक टीवी कार्यक्रम को देखकर साजिश को अंजाम देने चला था। परिवार को खत्म करने के लिए किशोर ने अपने कुछ दोस्तों से मदद मांगी थी।
बदले में दोस्तों को मोटी रकम देने का लालच दिया था, लेकिन उसके इसके लिए दोस्त तैयार नहीं हुए। इसके बाद उसने खुद ही परिवार को खत्म करने की ठान ली। पुलिस को बताया कि वह परिवार के सभी सदस्यों को मारने के लिए बाजार से जहरीला पदार्थ लेने गया था, मगर वह नहीं मिला।
इसके बाद घर आया और मां की हथौड़ा मार कर हत्या कर दी। मामले में जब पुलिस ने पूछताछ की तो बाजार से अंडे और अन्य सामान लेने की बात बताकर बचने का प्रयास किया।देहरादून के नकरौंदा में 26 जून देर रात जल निगम के कर्मचारी की पत्नी के सिर में हथौड़ा मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस हत्या के कारणों को लेकर माथापच्ची में जुटी रही। वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
डोईवाला थाना क्षेत्र के नकरौंदा निवासी जल निगम में कर्मचारी जगदीश रावत रात में नाइट ड्यूटी करने के लिए पटेल नगर स्थित क्षेत्र में चले गए। रात में खाना खाने के बाद रावत की पत्नी सुनीता (45) टहलने के लिए चली गईं।
रात 10 बजे घर लौटने के बाद अपने बेटे लक्ष्मण (17) को सुबह के नाश्ते के लिए अंडे लाने के लिए दुकान भेज दिया। इस बीच घर में आए एक शख्स ने सुनीता के सिर पर हथौडे़ से हमला कर दिया। इससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी।
उसी दौरान अंडे लेने गया सुनीता का बेटा लक्ष्मण घर आ गया। घर में घुसते ही मां को खून से लथपथ देखकर बेटे ने शोर मचा दिया।
शोर सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने सुनीता को सीएमआई अस्पताल पहुंचाया। यहां उपचार के दौरान सुनीता की मौत हो गई। हत्या की खबर मिलते ही एसपी सिटी अजय सिंह डोईवाला और रायपुर पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे।








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